केतार।झारखंड सरकार के लोकप्रिय मंत्री एवं गिरिडीह के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से केतार प्रखंड क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।मंगलवार को केतार स्थित प्रखंड स्तरीय विश्वकर्मा समाज के तत्वावधान में एक शोकसभा एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के गणमान्य लोगों और उपस्थित समाज के लोगो ने दिवंगत मंत्री के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके पश्चात दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
असमय निधन से अपूरणीय क्षति
शोकसभा को संबोधित करते हुए जयंत विश्वकर्मा ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का यूं अचानक चले जाना झारखंड की राजनीति, प्रशासनिक महकमे और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान नगर विकास, उच्च एवं शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति तथा खेलकूद जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए राज्य के विकास में जो अमूल्य योगदान दिया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण भाव और हर वर्ग के साथ जुड़ाव का उनका सरल व्यक्तित्व क्षेत्र के लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगा।
युवा और जुझारू नेतृत्व को खोया
गोपाल विश्वकर्मा ने कहा कि एक कर्मठ और जुझारू जनसेवक के रूप में स्व. सुदिव्य कुमार सोनू की कमी लंबे समय तक महसूस होती रहेगी। उनके जनहित के कार्य, दूरदर्शी विचार और संघर्षशील राजनीतिक जीवन की शैली आने वाली पीढ़ियों और जनप्रतिनिधियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्त्रोत बने रहेंगे।इस शोक सभा में प्रखंड क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग और विश्वकर्मा समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे,सभी ने नम आंखों से अपने प्रिय जननेता को अंतिम विदाई दी।इस अवसर पर सुमंत विश्वकर्मा, विनोद विश्वकर्मा,अजीत विश्वकर्मा,बलराम विश्वकर्मा, विवेक विश्वकर्मा,योगेंद्र विश्वकर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे।

