कांडी(गढ़वा):लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर कांडी प्रखंड क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रखंड के विभिन्न छठ घाटों पर साफ-सफाई का अभियान शुरू कर दिया गया है। घाट समितियों के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण घाटों की सफाई, आवागमन के रास्तों को दुरुस्त करने तथा व्रतियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं। इस वर्ष छठ व्रतियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पानी, टेंट सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रखंड क्षेत्र के कांडी छठ घाट, सतबहिनी पर्यटन स्थल, कोयल-सोन नदी संगम तट, पंडी नदी, भीलमा गांव के समीप स्थित छठ घाट, सरकोनी, सेमौरा, बलियारी और सुंडीपुर सहित विभिन्न गांवों के छठ घाटों पर साफ-सफाई का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। घाट समितियों की ओर से पूजा स्थलों को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि छठ व्रतियों को पूजा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
छठ महापर्व को लेकर कांडी सूर्य मंदिर और सतबहिनी पर्यटन स्थल स्थित सूर्य मंदिर श्रद्धालुओं के विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रत्येक वर्ष छठ पूजा के अवसर पर इन धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने पहुंचते हैं। आसपास के गांवों और दूसरे क्षेत्रों से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यहां विशेष तैयारियां की जा रही हैं।गौरतलब है कि छठ महापर्व चार दिनों तक मनाया जाता है। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होती है। इसके बाद खरना, अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य और अंतिम दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। इस महापर्व में स्वच्छता, पवित्रता और नियम-निष्ठा का विशेष महत्व है। व्रती भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए घाट समितियां और स्थानीय ग्रामीण लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।

