कांडी(गढ़वा):गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड में पिछले करीब सात महीने से वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन, विधवा जो राष्ट्रीय पेंशनधारी हैं, पेंशन की राशि नहीं मिलने से बुजुर्गों और अन्य जरूरतमंद लाभुकों की परेशानी बढ़ने की बात सामने आई है। पेंशन की राशि पर निर्भर रहने वाले कई बुजुर्गों के सामने भोजन, दवा-इलाज और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। जानकारी के अनुसार, कांडी प्रखंड की शिवपुर पंचायत अंतर्गत देवडीह गांव निवासी 75 वर्षीय जासो देवी सहित मझिगावां पंचायत की 86 वर्षीय अनरवा कुंवर, मुन्नी यादव, विजय शंकर चौबे, सूर्यनारायण शुक्ला, अभिमन्यु शुक्ला, 80 वर्षीय तुलसी साह, 75 वर्षीय मोती कुंवर और 77 वर्षीय देवमुनिया कुंवर समेत कई लाभुक पेंशन नहीं मिलने से परेशान हैं। लाभुकों के अनुसार, वृद्धावस्था में पेंशन की राशि उनके लिए आर्थिक सहारे का काम करती है। इसी राशि से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ दवा और इलाज का खर्च उठाते हैं। लेकिन लगातार सात महीने से राशि नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उम्र के इस पड़ाव पर दूसरों पर निर्भरता बढ़ने के साथ उनकी चिंता भी बढ़ गई है। सरकार कि ओर से दी जाने वाली वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें। ऐसे में लंबे समय तक पेंशन का भुगतान नहीं होना जरूरतमंद लाभुकों के लिए गंभीर समस्या बन सकता है। अब सवाल यह है कि पेंशन भुगतान में देरी के पीछे क्या कारण हैं? और लाभुकों को उनकी बकाया राशि कब तक मिलेगी। संबंधित विभाग और जिला प्रशासन को मामले की जांच कर भुगतान की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही पात्र लाभुकों को जल्द से जल्द पेंशन की राशि उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को राहत मिल सके। इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी कांडी राजेश कुमार ने कहा कि सभी बुजुर्गों कि सूची जैसे ही प्राप्त होती है उनकी कागजातों कि जांच कर यह देखा जाएगा कि कहीं त्रुटि तो नहीं है, त्रुटि पाए जाने पर अविलंब ही समस्या का निदान किया जाएगा।

