भंडरिया प्रखण्ड मुख्ययालय के सभागार मे आंगनबाड़ी सेविका का दिया गया प्रशिक्षण इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड राज्य मे पोषण मिशन के अंतर्गत जिला गढ़वा में कुपोषण उन्मूलन, बाल संरक्षण एवं सामाजिक कल्याण को सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न महत्वपूर्ण गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में भंडरिया प्रखंड में कार्यक्रम के तहत कुपोषित बच्चों की पहचान, स्क्रीनिंग, प्रबंधन एवं नियमित फॉलो-अप को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही, जिले में कमजोर एवं वंचित परिवारों तथा विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान पर भी जोर दिया गया । कार्यक्रम का उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्र स्तर पर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान करना, उनके पोषण स्तर का आकलन करना तथा आवश्यक पोषण सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना है। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों की नियमित निगरानी, सही डेटा संधारण, पोषण परामर्श एवं गंभीर कुपोषित बच्चों को आवश्यकतानुसार उचित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचाने के संबंध में तकनीकी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर दीपक पाठक, मास्टर ट्रेनर के द्वारा समर कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वहीं, झारखण्ड राज्य के फिल्ड मैनेजर रूपेश कुमार मिश्रा ने पोषण मिशन के तहत कुपोषित बच्चों की पहचान, नियमित फॉलो-अप तथा क्षेत्रीय स्तर पर कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला।
व जिला समाज कल्याण पदाधिकारी गढ़वा, श्रीमती अर्चना सिन्हा की अध्यक्षता में बाल सुरक्षा एवं सामाजिक कल्याण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विशेष जिला स्तरीय सर्वेक्षण अभियान पर भी बल दिया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत अत्यंत गरीब परिवारों, जिनकी मासिक आय दो हजार से कम है, भूमिहीन ग्रामीण परिवारों तथा मानसिक या शारीरिक दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों की पहचान की जा रही है। साथ ही, 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों व कभी विद्यालय नहीं गए बच्चों की आंगनवाड़ी केंद्र स्तर पर सूची तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।सर्वेक्षण अभियान का प्रमुख उद्देश्य बाल श्रम, बाल तस्करी एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम करना तथा जरूरतमंद एवं वंचित परिवारों को पात्रता के अनुसार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा, पोषण, सुरक्षा एवं आवश्यक सामाजिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं कुपोषण उन्मूलन एवं बाल संरक्षण के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग, आंगनवाड़ी कर्मियों तथा संबंधित संस्थाओं के बीच सभी संबंधित कर्मियों से अपील की गई कि वे अपने क्षेत्र में कुपोषित बच्चों एवं जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।इस कार्यकर्म में झारखंड राज्य पोषण मिशन एवं जिला प्रशासन, गढ़वा का संकल्प है कि प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण, शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वस्थ भविष्य का अवसर मिले तथा कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इस मौके पर उपस्थित महिला पर्यवेक्षक का गीता कुमारी तिरुपति प्रियदर्शनी बीलवंती पाना चमेली देवी सुषमा देवी रूबी देवी रित्वंती देवी रीता शर्मा पूर्णिमा कक्षा सही का आंगनबाड़ी सेविका पर्यायवाची का उपस्थित थे

