कांडी(गढ़वा):प्रखंड मुख्यालय स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कांडी शाखा लगातार तीन दिनों तक बंद रहने से करीब 9000 खाताधारकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक बंद रहने के कारण इलाज, आवश्यक खरीदारी और अन्य जरूरी कार्यों के लिए राशि निकालने पहुंचे ग्राहक निराश होकर लौटते रहे। बुधवार को मीडिया के हस्तक्षेप के बाद दोपहर करीब तीन बजे शाखा का ताला खुल सका।ग्राहकों के अनुसार सोमवार से बुधवार दोपहर तक बैंक शाखा पूरी तरह बंद रही। सबसे बड़ी बात यह रही कि शाखा के बाहर बंद रहने का कारण अथवा बैंक कब खुलेगा, इसकी कोई सूचना भी चस्पा नहीं की गई थी। इससे ग्राहक दिनभर कई बार बैंक का चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल सकी। बैंकिंग व्यवस्था के अनुसार किसी शाखा के प्रभारी अधिकारी के अनुपस्थित रहने की स्थिति में रिलीवर अधिकारी की व्यवस्था की जाती है, ताकि ग्राहकों की जमा-निकासी जैसी आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। इसके बावजूद कांडी शाखा तीन दिनों तक बंद रहने से लोगों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के बैंकों में तकनीकी खराबी या अन्य कारणों का हवाला देकर सेवाएं बाधित होने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। बुधवार को दोपहर 2:57 बजे बैंक शाखा बंद होने की जानकारी मीडिया के माध्यम से गढ़वा के अग्रणी बैंक प्रबंधक सत्यदेव प्रसाद तथा यूनियन बैंक के प्रधान कार्यालय के अधिकारी नीरज कंधवे को दी गई। नीरज कंधवे ने बताया कि कांडी शाखा के शाखा प्रबंधक संजय कुमार सोमवार को अचानक बेहोश होकर गिर पड़े थे, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने तत्काल गढ़वा शाखा के अधिकारी रंजीत बरनवाल को कांडी शाखा का प्रभार संभालने का निर्देश दिया। इसके बाद वे कांडी पहुंचे और दोपहर तीन बजे के बाद शाखा खोलकर बैंकिंग कार्य शुरू कराया। हालांकि देर से शाखा खुलने के कारण अधिकांश ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं मिल सकी और वे बुधवार को भी अपना जरूरी कार्य नहीं करा सके। बैंक की इस व्यवस्था को लेकर ग्राहकों ने भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न होने देने की मांग की है।

