
सगमा में बारिश और बादलों के कारण करवा चौथ की रात नहीं हुआ चांद का दीदार, पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा निर्जला व्रत
सगमा (गढ़वा): पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक करवा चौथ इस बार सगमा प्रखंड क्षेत्र में मौसम की बेरुखी के बीच मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपने जीवनसाथी की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना के साथ पूरे दिन निर्जला उपवास रखा। लेकिन आसमान में छाए काले बादलों ने त्योहार की सबसे खूबसूरत परंपरा चांद के दीदार पर पानी फेर दिया।
बुधवार से ही क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया था। गुरुवार की सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा। दिनभर बारिश और ठंडी हवाओं के बीच महिलाओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ करवा चौथ की तैयारियां कीं। सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनकर अपने सुहाग की सलामती की कामना की।
शाम ढलते ही महिलाओं की निगाहें आसमान की ओर टिक गईं। हर किसी को उस पल का इंतजार था, जब चांद निकलेगा और वे छलनी से अपने चांद यानी पति का चेहरा देखकर व्रत पूरा करेंगी। लेकिन देर रात तक आसमान में बादलों का पहरा बना रहा और चांद नजर नहीं आया।
इससे महिलाओं की प्रतीक्षा अधूरी रह गई। करवा चौथ की यह रात भले ही चांद के दीदार के बिना गुजर गई, लेकिन पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के प्रति समर्पण का भाव पूरे त्योहार में बरकरार रहा।

