सगमा (गढ़वा): प्रखंड कार्यालय में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन को लेकर आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मंगलवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 एवं 11 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें प्रखंड क्षेत्र के संबंधित पदाधिकारी, कर्मी, मुखिया, वार्ड सदस्य एवं अन्य प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम पंचायत विकास योजना के उद्देश्य, सहभागी नियोजन प्रक्रिया, ग्राम सभा की भूमिका, पंचायत स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय तथा स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास योजनाओं के चयन एवं प्राथमिकता निर्धारण की जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि जीपीडीपी केवल योजनाओं का संकलन नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदाय की जरूरतों और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए समावेशी एवं परिणामोन्मुख विकास योजना तैयार करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी सतीश भगत ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से पंचायतों में विकास कार्यों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अधिक सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा। उन्होंने प्रशिक्षण में मिली जानकारी को पंचायत स्तर तक पहुंचाने और उसका व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बीपीएम सत्येंद्र प्रजापति ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों की क्षमता का संवर्धन करना है, ताकि जीपीडीपी निर्माण में जनभागीदारी, पारदर्शिता और योजनाओं की प्राथमिकता सुनिश्चित हो सके। मास्टर ट्रेनर दीपक कुमार ने जीपीडीपी की प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया।
पंचायतों की जरूरत के अनुसार बनेगी विकास योजना
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी एवं व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि इससे पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर नियोजन एवं क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में मुखिया इंद्रजीत सिंह कुशवाहा, कलावती देवी, सरोज देवी, तेजलाल राम एवं अनिता देवी सहित वार्ड सदस्य और प्रखंड कर्मी उपस्थित रहे।
इस दौरान बीपीआरओ ओमप्रकाश सिंह, बड़ा बाबू सुरेंद्र सिंह, पंचायत सचिव सूर्यदेव सिंह, सुरेंद्र ठाकुर, प्रिया चौबे सहित अन्य कर्मी मौजूद थे। प्रशिक्षण के सफल समापन के साथ पंचायतों में सहभागी एवं आवश्यकता-आधारित विकास योजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

