भंडरिया में बेमौसम बारिश से धान की कटाई के बाद नुकसान, महीनों की मेहनत बर्बाद होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की चिंता. भंडरिया के खेतों में लहलहाती धान की फसल देखकर जिन किसानों के चेहरे पर खुशी थी, आज उन्हीं चेहरों पर मायूसी छाई हुई है. मेहनत से तैयार की गई फसल को घर तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे किसानों के अरमानों पर बारिश ने पानी फेर दिया है.भंडरिया प्रखंड क्षेत्र में बुधवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण खेतों में काटकर छोड़ी गई धान की फसल पानी में डूब गई है. इससे किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है. इस वर्ष मौसम अनुकूल रहने से धान की अच्छी पैदावार हुई थी.किसानों को उम्मीद थी कि फसल बेचकर परिवार की जरूरतें पूरी होंगी और खेती में लगाया गया पैसा वापस मिल सकेगा.कम अवधि में तैयार होने वाली धान की फसल की कटाई कर किसान उसे खेतों में ही छोड़ गए थे. लेकिन बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया और कटी हुई फसल जमीन पर बिछ गई. पानी में डूबी धान की बालियों के सड़ने तथा गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।प्रकृति की इस मार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.खेतों में बर्बाद होती फसल को देखकर किसानों को अपनी मेहनत और लागत दोनों डूबती नजर आ रही हैं. खेती-बारी पर निर्भर परिवारों के सामने अब आर्थिक संकट की आशंका गहराने लगी है. मदगड़ी (क) गांव के प्रभावित किसानों में सोमर राम, बालो राम, अयोध्या राम, संजय सिंह, मनोज सिंह, राजेश ठाकुर, वीरेंद्र सिंह, दुर्गा राम, जितेंद्र राम, मनोज कुमार कुशवाहा और अनुज सिंह खरवार शामिल हैं.बारिश ने इन किसानों की उम्मीदों को गहरा झटका दिया है. अच्छी उपज की आस लगाए बैठे किसान अब अपनी फसल को बचाने की जद्दोजहद में जुटे हैं.

