
सगमा(गढ़वा): प्रखंड कार्यालय मे दिन सोमवार को ग्राम पंचायतों में सहभागी एवं समग्र विकास योजना को प्रभावी रूप से तैयार करने के उद्देश्य से जीपीएफटी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रशिक्षण में पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित प्रखंड कर्मियों को सहभागी योजना निर्माण की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पंचायत स्तर पर सहभागी योजना निर्माण, ग्राम सभा की भूमिका, स्थानीय समस्याओं एवं आवश्यकताओं की पहचान, उपलब्ध संसाधनों के समुचित उपयोग तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से पंचायतों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी सतीश भगत ने कहा कि जीपीएफटी प्रशिक्षण का उद्देश्य पंचायत स्तर पर योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी और सहभागी बनाना है। स्थानीय आवश्यकताओं एवं प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार विकास योजना से पंचायतों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी का उपयोग अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी ढंग से करने का आह्वान किया। प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक बीपीएम सत्येंद्र प्रजापति ने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना को केवल योजनाओं की सूची तक सीमित नहीं रखना चाहिए। पंचायत की वास्तविक जरूरतों, ग्राम सभा की प्राथमिकताओं एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन कर समावेशी, सहभागी एवं परिणामोन्मुख विकास योजना तैयार करना आवश्यक है। मास्टर ट्रेनर दीपक कुमार ने जीपीएफटी की प्रक्रिया एवं इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए कहा कि सहभागी योजना निर्माण में ग्रामीण समुदाय की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाओं का चयन किया जाए तो उसका लाभ आम लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। प्रशिक्षण में उपस्थित मुखिया इंद्रजीत सिंह कुशवाहा, कलावती देवी, सरोज देवी, तेजलाल राम, अनिता देवी सहित सभी वार्ड सदस्य एव प्रखंड कर्मी बीपीआरओ — ओमप्रकाश सिंह,बड़ा बाबू — सुरेंद्र सिंह बीपीएम — सत्येंद्र प्रजापति,प्रखंड समन्वयक — जितेंद्र कुमार शामिल थे।

