बंशीधर नगर: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा श्री बंशीधर नगर अनुमंडल के नाम में ‘उंटारी’ शब्द जोड़ने के निर्णय का स्थानीय स्तर पर स्वागत किया जा रहा है। इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि यह फैसला जनभावनाओं और क्षेत्र के पारंपरिक इतिहास का सम्मान करता है। नगरगढ़ स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक अनंत प्रताप देव ने कहा कि श्री बंशीधर मंदिर के नाम पर शहर का नामकरण होने पर खुशी है, लेकिन ‘उंटारी’ शब्द हटाना कभी भी उचित नहीं था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर किस कारण से इस ऐतिहासिक शब्द को हटाया गया था, जबकि इसका संबंध क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि ‘उंटारी’ शब्द हटाना धर्मस्थल श्री बंशीधर मंदिर के इतिहास के साथ खिलवाड़ के समान था। विधायक ने कहा कि इतिहास ही आने वाली पीढ़ियों को यह बताएगा कि बाबा बंशीधर यहां कब और कैसे पधारे। नगरगढ़ की राजमाता शिवमणि देवी को भगवान कृष्ण द्वारा स्वप्न में दर्शन देने की कथा इस क्षेत्र की आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।
विधायक ने आगे कहा कि ‘उंटारी’ शब्द पहले से ही इस क्षेत्र की पहचान रहा है और इसे राजनीतिक कारणों से हटाया गया था। मुख्यमंत्री द्वारा इसे पुनः जोड़ना न केवल ऐतिहासिक सुधार है, बल्कि सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कुछ लोगों को आपत्ति हो रही है, लेकिन धर्मस्थल के इतिहास के साथ राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर बाबा श्री बंशीधर सूर्य मंदिर ट्रस्ट के प्रधान ट्रस्टी राजेश प्रताप देव ने भी मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम में मुक्तेश्वर पांडेय, अमरनाथ पांडेय, कामता प्रसाद, रजनीकांत मधुर, बाबूलाल दुबे, अमर राम, देवेंद्र सिंह, नीरज जायसवाल, अजय प्रसाद, मिंटू कुमार, सुधीर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

