रंका(गढ़वा):रंका थाना मोड़ क्षेत्र में पीने की पानी के गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। दोपहर 12:00 बजे सैकड़ो ग्रामीण महिलाएं एन एच 343 को जाम कर दिया। उनका कहना है कि पिछले करीब दस महीने से पानी सप्लाई मशीन खराब पड़ी है। इसे ठीक करने के लिए ग्रामीणों ने आपस में चंदा तक इकट्ठा किए थे, इसके बावजूद भी आज तक मशीन दुरुस्त नहीं किया गया। जिससे पेयजल संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासनिक महकमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि करीब एक करोड रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण कराया गया है जो लगभग एक एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। लेकिन यह टंकी आज तक उपयोग में नहीं लाई जा सकी और यह महज हाथी का दांत साबित हो रही है। यह टंकी सही तरीके से पानी आपूर्ति होती तो लोगों को आने के लिए सड़क पर उतरने की नौबत नहीं आती। यहां तक कि झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला उपाध्यक्ष (अल्पसंख्यक) आफताब आलम ने प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम बेला तोपनों को आवेदन सौंप कर पानी टंकी से जलापूर्ति बहाल करने का आग्रह किया था। बताते चले कि सरकार ने हर घर जल नल योजना के तहत 2025 तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन थाना मोड़ क्षेत्र में यह योजना सफल नहीं हो सकी है। जिससे नाराज ग्रामीणों ने मजबूर होकर सड़क जाम कर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इस जाम का असर व्यापक रहा जिसमें तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई और हजारों राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह 12 से 3 बजे तक रहा रंका प्रखंड विकास पदाधिकारी शुभम बेला तोपनों और प्रमुख लीलावती देवी के निर्देश पर पदाधिकारी स्थल पर पहुंचे और दो दिनों के अंदर जलापूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया गया है । हालांकि यह ग्रामीणों का आक्रोश ने प्रशासनिक महकमों पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, कि प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा आज ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस मौके पर सैकड़ो ग्रामीण मौजूद थे।

