डंडई (गढ़वा) डंडई। प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित मनरेगा के सहायक अभियंता राहुल कुमार की कार्यप्रणाली से प्रखंडवासी खासे नाराज हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वे अक्सर कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं और गढ़वा जिला मुख्यालय से ही बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कर वर्षों से मानदेय प्राप्त कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके कार्यालय नहीं आने से सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। इसके अलावा योजनाओं में कार्य कर चुके मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान भी नहीं हो पा रहा है।प्रखंड कार्यालय पहुंचे भानु कुमार यादव, विनेश यादव, शशिकांत ठाकुर सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार अपने कार्य के सिलसिले में कार्यालय आए, लेकिन सहायक अभियंता से एक बार भी मुलाकात नहीं हो सकी। उनका आरोप है कि जब वे कभी-कभार कार्यालय आते भी हैं तो अपने कक्ष में नहीं बैठते, बल्कि इधर-उधर समय बिताकर लौट जाते हैं, जिससे आम लोगों की समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं। अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान भी सहायक अभियंता राहुल कुमार अनुपस्थित पाए गए थे, जिसके बाद उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बावजूद अब तक कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वे अधिकांश कार्य अपने डेरा से ही संचालित करते हैं और मापी पुस्तिका जैसे जरूरी कार्यों के लिए लोगों को गढ़वा बुलाते हैं। इससे डंडई से करीब 30 किलोमीटर दूर गढ़वा जाने में लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि जहां एक कर्मी को एक स्थान पर तीन वर्ष से अधिक नहीं रहना चाहिए, वहीं सहायक अभियंता पिछले छह वर्षों से अधिक समय से यहां पदस्थापित हैं, लेकिन अब तक उनका स्थानांतरण नहीं हुआ है।
पक्ष :इस संबंध में बीडीओ देवलाल करमली ने कहा कि किसी भी कर्मी या पदाधिकारी द्वारा लापरवाही या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि ऐसा पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मामले को उच्च अधिकारियों को भी भेजा जाएगा।

