
सगमा(गढ़वा):प्रखंड के सगमा गांव स्थित भुइयां टोली में न्यायालय के आदेश पर की गई कार्रवाई के बाद उत्पन्न स्थिति आखिरकार 30 घंटे बाद शांत हो गई। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के आश्वासन के बाद शनिवार को विस्थापित परिवारों ने सड़क खाली कर दी, जिससे सगमा–धुरकी मुख्य मार्ग पर आवागमन फिर से शुरू हो सका और आम लोगों को बड़ी राहत मिली।प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार को न्यायालय के आदेश के अनुपालन में भुइयां टोली में रह रहे भुइयां परिवारों के सोलह घरों को खाली कराकर उक्त भूमि आदिवासी बैगा परिवार को सौंप दी गई। घर उजड़ने के बाद विस्थापित भुइयां परिवार अपने बाल-बच्चों के साथ सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब तक उन्हें स्थायी पुनर्वास का ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण सगमा–धुरकी मार्ग पर करीब तीस घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। सड़क जाम होने से राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शनिवार को अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने विस्थापित परिवारों तथा भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण राम के साथ बातचीत की और शीघ्र पुनर्वास की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया।एसडीओ के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए। फिलहाल बेघर हुए सभी परिवारों को पुनर्वास होने तक सगमा स्थित किसान भवन में अस्थायी रूप से शिफ्ट किया गया है। प्रशासन की ओर से वहां भोजन के लिए राशन और ठंड से बचाव हेतु कंबल की व्यवस्था की गई है।
अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश के तहत की गई है, जिसका सम्मान सभी को करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट खुलने के बाद जिला प्रशासन न्यायालय से आवश्यक निर्देश प्राप्त कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

