Shyambachan yadav
सगमा: प्रखंड मुख्यालय सगमा में जिला परिषद निधि से एक करोड़ छब्बीस लाख रुपये की लागत से बन रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण में गंभीर अनियमितताओं के खुलासे के बाद जिला परिषद सदस्य अंजू यादव ने शुक्रवार को निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। सोशल मीडिया के द्वारा घटिया निर्माण का आरोप लगाते हुए खबर प्रकाशित किया गया था पुष्टि स्वयं जिप सदस्य ने ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचकर जांच के दौरान की।
जिप सदस्य के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण जिला परिषद की पंद्रहवीं वित्त योजना के तहत कराया जा रहा है। इस निर्माण का कार्य ठेकेदार कृपा शंकर चौबे को आवंटित था, लेकिन उन्होंने बिना किसी औपचारिक अनुमति के कार्य को पेटी कॉन्ट्रैक्टर छोटन सिंह को सौंप दिया। आरोप है कि पेटी कॉन्ट्रैक्टर ने सरकारी गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए निर्माण कार्य को गुपचुप तरीके से शुरू कर दिया। जबकि नियमानुसार निर्माण कार्य के प्रारंभ होने से पूर्व जनप्रतिनिधियों को सूचना देकर विधिवत उद्घाटन करना अनिवार्य है।
अंजू यादव ने बताया कि जांच के दौरान कई चौंकाने वाली गड़बड़ियाँ सामने आईं। सबसे पहले निर्माण स्थल पर लगाए गए सिलापट के स्ट्रक्चर पर ढंग से बोर्ड तक नहीं लगाया गया था, जिससे यह स्पष्ट था कि कार्य को छुपाकर आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। सोशल मीडिया पर आरोप लगाया गया था कि अल्ट्राटेक सीमेंट की बोरी में राखड़ मिला हुआ सीमेंट प्रयोग किया जा रहा है, जिसकी पुष्टि स्थल निरीक्षण के दौरान हो गई।
इसके अलावा दीवार निर्माण में नारायणपुर के तीन नंबर ईंटों का उपयोग किया जा रहा था, जो मानक गुणवत्ता से काफी नीचे हैं। गिट्टी की जगह क्रशर प्लांट से निकलने वाले कचड़े का इस्तेमाल हो रहा था। ग्रामीणों ने जिप सदस्य को बताया कि अब तक निर्माण स्थल पर न तो सहायक अभियंता और न ही कनिष्ठ अभियंता की मौजूदगी देखी गई है। कई दिनों में केवल मुंशी और मजदूर ही साइट पर रहते हैं, जिससे स्पष्ट है कि संवेदक द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही है।
जिप सदस्य अंजू यादव ने मौके पर ही मुंशी अजमल अंसारी को कड़ी फटकार लगाई और निर्माण कार्य को तत्काल रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने जिला परिषद अध्यक्ष शांति देवी को पूरी स्थिति से अवगत कराया और लिखित शिकायत विभागीय अधिकारियों को सौंप दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संवेदक और पेटी कॉन्ट्रैक्टर पर कार्रवाई निश्चित है।
उन्होंने कहा, जनता के पैसे से निर्माण हो रहा है, इसलिए गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मानक के अनुरूप निर्माण होना चाहिए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें पूर्व जिला परिषद सदस्य नंद गोपाल यादव, पूर्व झामुमो प्रखंड अध्यक्ष जयगोपाल यादव, सगमा पंचायत के मुखिया तेजलाल राम, शिवनाथ बैठा, पूर्व बीडीसी अजय प्रसाद यादव, हजारी प्रसाद यादव, सुभाष प्रसाद यादव, उदय यादव, संतोष यादव, दिनेश ठाकुर, कुश यादव, बसंत यादव, राजेश कुमार, मोहन यादव सहित कई लोग शामिल थे।

