इद्रीश अंसारी की रिपोर्ट
श्री बंशीधर नगर प्रखंड में शुक्रवार की अहले सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जब गरबांध गांव के पास धान कटाई कर लौट रहे मजदूरों से भरा पिकअप वाहन अचानक अनियंत्रित होकर घाटी में पलट गया। इस हादसे में 9 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना इतनी भीषण थी कि चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े और किसी तरह सभी घायलों को बाहर निकाला गया। रोजगार के अभाव में रोजी-रोटी की तलाश में सुबह-सुबह खेतों में मजदूरी कर लौट रहे इन गरीब परिवारों पर यह हादसा कहर बनकर टूटा। तत्काल ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल भेजा गया, जहां से 7 मजदूरों को चिंताजनक स्थिति में सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में 20 वर्षीय सुरेंद्र राम, 20 वर्षीय गीता देवी, 30 वर्षीय देवंती देवी, 6 वर्षीय सोनाली कुमारी, 50 वर्षीय रेशमी देवी, 35 वर्षीय प्रभा देवी, 55 वर्षीय लाल जवाहिर राम, 38 वर्षीय दिनेश राम और 30 वर्षीय भगमनिया देवी शामिल हैं।
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीण नेता लालमोहन यादव ने बताया कि एनएच-75 से रोहिणिया तक बन रही सड़क की घाटी कटिंग अधूरी छोड़ दी गई है, जिस पर कई बार आपत्ति जताई गई थी। ग्रामीणों के अनुसार 15 दिन पहले एई, एसडीओ और ठेकेदार को मौके पर बुलाया गया था, लेकिन अधिकारियों ने घाटी को ‘ठोस’ बताकर कटिंग से इनकार कर दिया। नतीजा यह हुआ कि तीन मीटर गहरी अधूरी कटिंग हादसे की वजह बन गई और पिकअप सीधे नीचे जा गिरी।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक घाटी काटकर सड़क सुरक्षित नहीं बनाई जाएगी, आगे कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। ठेकेदार पर घटिया काम और अधिकारियों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह हादसा एक बार फिर उजागर करता है कि पलायन और अधूरे विकास कार्य गरीबों के लिए दोहरी मार साबित हो रहे हैं।

