
धुरकी(गढ़वा):धुरकी के बाल चौरा के कनहर नदी पर झारखंड छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाले पुल सुचारू रूप से चालू नहीं होने से झारखंड के लोगों को आवा गमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है धुरकी तथा नगर ऊंटरी के लोगों को दो रास्ते से छत्तीसगढ़ की ओर जाना पड़ रहा है पहला रास्ता धुरकी से चिनिया होते हुए कनहर नदी पर बने पुल गायघाट पर करते हुए जाना पड़ता है जिसकी दूरी धुरकी से 50 किलोमीटर है बालचौरा स्थित पुल चालू होने से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी की बचत होती ठीक इसी तरह दूसरा रास्ता श्री बंशीधर नगर तथा गढ़वा सहित अन्य लोगों का रंका होकर जाने का है जिसकी दूरी 100 किलोमीटर है
इन दोनों रास्ते से जाने में लोगों को समय के साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ता है अत्यधिक खर्च होता है बाल चौरहा में पुल बन जाने कपट लोगों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई है की पुल के दोनों तरफ पहुंच पथ का निर्माण हो जाने के बाद फूलों से आवागमन सुचारू रूप से प्रारंभ हो जाता इससे धुरकी सहित अनुक्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए छत्तीसगढ़ के बलरामपुर अंबिकापुर रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अन्य सभी स्थानों पर जाने में काफी सहूलियत के साथ समय की बचत तथा आर्थिक रूप से खर्चा भी काम पड़ता है साथ ही धुरकी एक आर्थिक जोन के रूप में विकसित होता आवागमन के प्रमुख साधन बस की सेवा भी बढ़ जाती जिससे कई लोगों को रोजगार का सृजन भी हो जाता

