श्री बंशीधर नगर: रक्षाबंधन को लेकर श्री बंशीधर नगर का बाजार रंग-बिरंगी, बाहरी और रेडीमेड मिठाइयों से पटा पड़ा है। कई दुकानों और होटलों में मिठाइयां खुले में रखकर बेची जा रही हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन स्थानों पर ये मिठाइयां तैयार अथवा संग्रहित की जा रही हैं, वहां स्वच्छता और हाइजीन की स्थिति कितनी बेहतर है? मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाले रंग, खोआ, छेना और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर हो रही है?
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में लोग मिठाइयां खरीदेंगे। ऐसे में बाजार में खुले में बिक रही रंगीन मिठाइयों और बाहर से लाई गई मिठाइयों को देखकर उपभोक्ताओं के बीच शुद्धता को लेकर चिंता स्वाभाविक है। सवाल यह भी है कि जब बाजार में इतनी बड़ी मात्रा में मिठाइयां बिक रही हैं, तो इनकी जांच कितनी व्यापक और प्रभावी हुई है?
इसी बीच 27 अगस्त को खाद्य सुरक्षा विभाग एवं नगर पंचायत की संयुक्त टीम ने विभिन्न मिठाई दुकानों और कारखानों का निरीक्षण किया। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा एवं अनुमंडल पदाधिकारी नगर ऊंटारी के निर्देश पर अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आर.एस. सिंह, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी किरण हेमब्रम एवं नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजकमल के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान शिवम् स्वीट्स के कारखाने में 120 किलो संदिग्ध रसगुल्ला और 10 किलो परवल मिठाई मिली, जिसमें हरे रंग की अधिकता पाई गई। दोनों को मौके पर नष्ट कराया गया। साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर संचालक पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया और कारखाना सील कर दिया गया। वहीं न्यू शिवम् स्वीट्स के कारखाने से 100 किलो संदिग्ध रसगुल्ला नष्ट कराया गया। यहां भी 50 हजार रुपये जुर्माना लगाकर कारखाना सील किया गया।
इसके अलावा खप्पर बाबा स्वीट्स, संतोष स्वीट्स, सुमित स्वीट्स, बंशीधर स्वीट्स, श्री लक्ष्मी हरी स्वीट्स सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। कुछ मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे गए। अनिकेत पैलेस एंड रेस्टोरेंट में खराब पनीर नष्ट कराया गया, जबकि शिवम् स्वीट्स से इंडस्ट्रियल यूज का हाइड्रा जब्त किया गया।
अब सवाल यह है कि जिन मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, उनकी रिपोर्ट कब आएगी और तब तक बाजार में बिक रही मिठाइयों की शुद्धता की जिम्मेदारी कौन लेगा? यदि जांच में दो कारखानों से ही 220 किलो संदिग्ध रसगुल्ला नष्ट करना पड़ा, तो पूरे बाजार में बिक रही मिठाइयों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कितनी जरूरी है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन की कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन उपभोक्ताओं को वास्तविक भरोसा तभी मिलेगा, जब पूरे बाजार में नियमित, निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित हो।

