केतार(गढ़वा):प्रखंड के जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की मनमानी और धांधली चरम पर पहुंच गई है।मां अम्बे महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित पीडीएस दुकान के विक्रेता द्वारा लाभुकों के हक का खाद्यान्न गबन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।इस संबंध में आक्रोशित कार्डधारियों ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अविनाश कुमार आवेदन देकर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है।आवेदन के अनुसार मां अम्बे महिला स्वयं सहायता समूह के विक्रेता पति वीरेन्द्र राम पर आरोप है कि उसने कार्डधारियों से पोस मशीन में अंगूठा तो लगवा लिया, लेकिन उन्हें पिछले 3 से 4 महीने का राशन नहीं दिया। समय पर खाद्यान्न न मिलने के कारण गरीबों के सामने भुखमरी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है।
विरोध करने पर बांटे जा रहे सड़े खाद्यान्न
सड़े और मिलावटी चावल
जब कार्डधारियों ने इस धांधली का विरोध किया और विक्रेता पर दबाव बनाया, तो डीलर द्वारा एक पिकअप वाहन से 24 बोरी सड़ा हुआ और मिलावटयुक्त चावल वितरण के लिए लाया गया।
यह सड़ा और मिलावटी चावल सिंहपुर निवासी बैजनाथ राम पिता स्व. मुनेश्वर राम के घर में प्लास्टिक की 24 बोरियों में छिपाकर रखा गया था।सड़ा हुआ चावल देखकर जब लाभुक भड़क गए और विरोध जताया,तो विक्रेता पक्ष के लोगों ने उन्हें खुलेआम धमकी दी।
उठाव और वितरण में बड़ा फर्जीवाड़ा
शिकायत में यह भी खुलासा किया गया है कि डीलर द्वारा जून महीने का खाद्यान्न 30 मई को और जुलाई महीने का खाद्यान्न 5 या 6 जुलाई को ही उठाव कर लिया गया था। इसी कालेबाजारी के चावल को अब उपभोक्ताओं के बीच खपाने की कोशिश की जा रही है। आक्रोशित कार्डधारी मूर्ति कुंवर,लाला वियार,इंदु देवी,सुषमा कुमारी,पनवा देवी,सिमित्री देवी सहित दर्जनों कार्डधारियों ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से उन्हें उनका रुका हुआ खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए तथा इस बड़े घोटाले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी डीलर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

