
श्री बंशीधर नगर :प्रखंड क्षेत्र स्थित बंबा डैम से बरसात के दौरान दोनों गेट हटाए जाने के आरोप को लेकर किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग और ठेकेदार द्वारा डैम के दोनों गेट उखाड़कर ले जाने के कारण बारिश का पूरा पानी बह गया। इससे डैम लगभग सूखने की स्थिति में पहुंच गया है और एक दर्जन से अधिक गांवों के किसानों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
किसानों के अनुसार बंबा डैम क्षेत्र के बंबा, बरडीहा, ठरका, ठरकिया, चितविश्राम, पिपरडीह, सुलसुलिया, बभनी समेत एक दर्जन से अधिक गांवों की कृषि भूमि के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। हर वर्ष मानसून का पानी डैम में संग्रहित रहने से किसान रबी सहित अन्य फसलों की खेती आसानी से कर लेते थे। लेकिन इस बार गेट नहीं होने के कारण पानी का संचयन नहीं हो सका और अधिकांश पानी बह गया। अब डैम में पानी का स्तर काफी कम हो गया है, जिससे आने वाले दिनों में खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
किसान फिरोज आलम, साजिद रजा, राकीब अनवर, अरबाज अंसारी, अहमद अंसारी और प्रदीप कुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में ही डैम के गेट हटाए गए, जो किसानों की समझ से परे है। उनका कहना है कि यदि गेट लगे रहते तो बारिश का पानी डैम में सुरक्षित रहता और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध होता। किसानों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अविलंब नए गेट लगाने और जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, इस मामले में सिंचाई विभाग के मैकेनिकल जूनियर इंजीनियर गौरी शंकर ने बताया कि दो दिनों के भीतर डैम में नए गेट लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं होता है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में पूछे जाने पर डीसी पशुपति नाथ मिश्रा ने कहा कि ठेकेदार के द्वारा पहले भी यह कहा गया था कि दो दिन के अंदर लगा दिया जाएगा पर अभी तक गेट नहीं लगाना घोर लापरवाही दर्शाता है। जल्द ही लगाया जाएगा और सिंचाई की व्यवस्था दुरुस्त किया जाएगा।

