श्री बंशीधर नगर:पीएम श्री हाई स्कूल चित्तविश्राम में पर्यावरण जागृति बाल मित्रों के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया.।इस अवसर पर पर्यावरण जागृती के सदस्यों सेना के जवान सतीश पांडेय बुद्धिजीवियों के द्वारा नीम वृक्ष लगाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.। इस अवसर पर बोलते हुये सेवानिवृत शिक्षक अशोक सिंह ने कहा आज पर्यावरण और प्रकृति संकट की ओर है. वैश्विक स्तर पर परिस्थितियां भयावह है।. एक ओर बम और बारूद का शोर है तो दूसरी तरफ इस धरती पर हरियाली कैसे बढ़े जिससे समस्त जीव सुरक्षित हो और धरती का संतुलन बना रहे का प्रयास जारी है.हमें विघटन की ओर ध्यान न देकर इस धरती को संवारने में तथा अपने पर्यावरण को समृद्ध करने में अपना योगदान सतत देना चाहिये. अब समय आ गया है कि एक-एक व्यक्ति का योगदान इस पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए आवश्यक है. जो कुछ कर सकते हैं अपना प्रयास जारी रखें।. व्याख्याता सत्येंद्र नाथ पांडेय ने कहा की प्रकृति से लड़कर कोई जीत नहीं सकता है.हम विकास के कितना ही चरण छू ले प्रकृति मिनट में तस्वीर बदल देती है. हमें अपनी प्रकृति अपने पर्यावरण को समृद्ध रखने के लिए एक छोटा ही प्रयास काफी है। बढ़ते तपन और जलवायु परिवर्तन से होने वाली तबाही से बचने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने चाहिए. शिक्षक अखिलेश प्रसाद ने कहा की बच्चों की पेंटिंग देखकर उनकी सोच का अंदाजा लगाना सहज नहीं है. आज के बच्चे पूरी दुनिया से जुड़े हैं और इस उम्र में ही उन्हें अपने पर्यावरण प्रकृति की चिंता है जो उनकी पेंटिंग में झलकता है. बच्चों को एक अच्छा इंसान बनने के लिए उसमें बचपन से ही संस्कार देना पड़ता है, ठीक उसी तरह आने वाले समय में इस धरती इस पर्यावरण को बचाने के लिए बचपन से ही बच्चों में पर्यावरण के प्रति रुचि जगाने की आवश्यकता है .जो पर्यावरण जागृती लगातार बच्चों के बीच कर रही है। इंद्रशेखर पांडेय ने कहा पेड़ गिनाने के लिए नहीं दिल से लगाने की जरूरत है. आज के दिन फैशन के तौर पर पेड़ लगाए जाएंगे और फोटो खींचे जाएंगे पर कल उन्हें देखने वाला कोई नहीं रहेगा. इससे कोई फायदा होने वाला नहीं है. वृक्ष लगाए और उसे बचाए भी. इसी कैंपस में एक टूटी बाउंड्री के लिए विद्यालय प्रबंधन पंचायत से 3 वर्षों से गिड़गिड़ाता रहा और कितने बार पौधे बर्बाद हुये।ये बालमित्र बधाई के पात्र हैं जिन्होंने विद्यालय समय के बाद इन पौधों को बचाने का प्रयास किया और पूरा कैंपस में हरियाली है. पर्यावरण जागृती के सचिव कमलेश कुमार पांडेय ने विस्तार से पर्यावरण की चुनौतियों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा आज के दिन हम संकल्प लें अपने वातावरण के तापमान को कम करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से एक वृक्ष हो।हम तभी सुरक्षित रहेंगे जब हमारी धरती हमारा पर्यावरण संतुलित रहेगा.इस अवसर पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रकाशित तथा प्रसिद्ध पर्यावरणविद डॉ दयाशंकर त्रिपाठी की पुस्तक पर्यावरण के विविध आयाम तथा पर्यावरण दिग्दर्शिका तथा सभी प्रतिभागियों को पेंटिंग कलर पुरस्कार स्वरूप दिया गया. पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विधि पांडेय तथा कृति पांडेय ने, द्वितीय स्थान व्योमकृष्ण ने तथा तृतीय स्थान सुषमा पांडेय ने प्राप्त किया. इस अवसर पर 40 प्रतिभागियों के साथ बाल मित्र सचिन पांडेय, शुभम, गोरे करण, आकाश ,शुभम ,सत्यम, अभिषेक आयुष तथा सतीश पांडेय उपस्थित थे।

