रंका(गढ़वा):अनुमंडल मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित खपरो पंचायत के चार टोले आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। गांव के रशुलपुरा टोला, धंसनी, मोमिनपुर तथा अमरवादामर के ग्रामीण लंबे समय से बेहतर सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित लोगों को जानकारी दी गई, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में इन टोले के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कच्चे एवं जर्जर रास्तों पर जलजमाव और कीचड़ के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों को आवश्यक कार्यों के लिए पंचायत मुख्यालय, प्रखंड कार्यालय, बाजार तथा अनुमंडल मुख्यालय तक पहुंचने में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार सहित कई क्षेत्रों पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। खराब सड़क के कारण छोटे बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को विशेष परेशानी होती है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
खपरो पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि जफर अंसारी ने कहा कि पंचायत स्तर से जितना संभव है, उतना प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बड़े स्तर पर सड़क निर्माण के लिए विभागीय एवं राजनीतिक पहल आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समस्या का जल्द समाधान निकलेगा।क्षेत्र के समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि खपरो पंचायत के रशुलपुरा टोला, धंसनी, मोमिनपुर तथा अमरवादामर की सड़कें लंबे समय से उपेक्षित हैं। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं से वर्तमान विधायक सत्येंद्र तिवारी और सांसद बीडी राम को कुछ लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण को लेकर नए सिरे से पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर से बातचीत की जाएगी और सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पहल की जयेगी।
ग्रामीणों को है सड़क निर्माण का इंतजार
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क नहीं रहने का सबसे अधिक असर दैनिक मजदूरों, किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों पर पड़ता है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में परेशानी होती है, जबकि विद्यार्थियों को विद्यालय आने-जाने में कठिनाई होती है। वहीं किसी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसे अस्पताल ले जाने में भी समय लग जाता है।ग्रामीणों ने रंका अनुमंडल प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इन चारों टोले की सड़कों की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। लोगों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पंचायत के विकास की गति भी तेज होगी। समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार पाठक ने कहा कि वे इस मुद्दे को लेकर संबंधित लोगों से बातचीत करेंगे और लंबित योजना को पुनः क्रियाशील कराने की दिशा में प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व में डीपीआर एवं टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ी थी, तो उसके वर्तमान स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक स्तर पर पहल की जानी चाहिए। अब देखना यह है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की बाट जोह रहे रशुलपुरा टोला, धंसनी, मोमिनपुर और अमरवादामर के ग्रामीणों की मांग कब पूरी होती है। फिलहाल ग्रामीणों को उम्मीद है कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और समाजसेवियों के संयुक्त प्रयास से लंबित सड़क निर्माण योजना को फिर से गति मिलेगी और उन्हें जल्द ही बेहतर सड़क की सुविधा मिल सकेगी।

