रवि कुमार
केतार (गढ़वा): केतार थाना क्षेत्र के छाताकुण्ड गांव के अगरीया टोला से एक बेहद मार्मिक और दुखद घटना सामने आई है। यहां 16 वर्षीय रौशन कुमार (पिता–मोहन राम, माता–प्रतिमा देवी) की बुधवार रात करीब 9:00 बजे तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बताया जाता है कि रौशन का परिवार लंबे समय से बिखरा हुआ था। पिता मोहन राम मजदूरी के लिए बाहर चले गए थे और बेटे को घर पर अकेला छोड़ दिया था। वहीं, मां प्रतिमा देवी पति की शराब की लत और प्रताड़ना से परेशान होकर अपनी एक बेटी के साथ मायके चली गई थीं। बाद में मायके वालों ने उनकी दूसरी शादी करा दी। परिजनों के बिछड़ जाने के बाद रौशन पूरी तरह अकेला पड़ गया। ग्रामीणों के अनुसार वह कई दिनों से गांव-गांव और घर-घर जाकर भोजन मांगकर अपना गुजारा करता था। उचित देखभाल और पोषण के अभाव में उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। बुधवार रात उसकी हालत गंभीर हो गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। रौशन की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। यह घटना प्रशासन और समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े करती है कि आखिर एक नाबालिग बच्चा भूख, लाचारी और उपेक्षा के बीच अकेला जीवन जीने को क्यों मजबूर हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

