रंका(गढ़वा):विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 9 अगस्त 2026 को रंका प्रखंड आदिवासी पीवीटीजी समाज के तत्वावधान में प्रखंड परिसर रंका में जनसभा का आयोजन किया गया। इसके पहले प्रखंड परिसर से भव्य जुलूस निकाला गया जो रंका चेकनाका होते हुए बाजार से गुजरते हुए रंका थाना मोड़ गया और वहां स्वतंत्रता सेनानी फेतल सिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। वहां से चलकर पुनः चेकनाका आया जहां प्रथम सांसद जेठन सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया तत्पश्चात जुलूस कार्यक्रम स्थल पहुंची और जन सभा में तब्दील हो गई।उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आदिवासी नेता त्योफील लकड़ा ने कहा कि सरकार द्वारा विकास के नाम पर आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी गांवों में ग्राम सभा का गठन करना होगा और वही ग्राम सभा सभी विकास की योजना प्रारूप तय करेगा चाहे वन पट्टा का मामला हो या अन्य विकास योजना का।छवीनाथ सिंह ने कहा कि 13 दिसंबर 2006 को वन अधिकार अधिनियम पारित हुआ है उसे समझने की जरूरत है तभी अपना हक अधिकार को ले सकते हैं। हरिहर सिंह ने कहा कि आदिवासी मूलवासी को जल जंगल जमीन अपनी संस्कृति वेशभूषा को पहचान बनाए रखना जरूरी है। पुरन सिंह ने कहा कि के आदिवासी मूलवासी को संगठित होने की जरूरत है संगठन के बिना संघर्ष नहीं किया जा सकता है आज हमारे पूर्वज ने संघर्ष करके सभा को देश और राज्य को आजाद करने का काम किया है इस प्रकार हमें भी अपने हक और अधिकार को प्राप्त करने के लिए संगठित रहना जरूरी है।कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रमोद कोरवा ने कहा की हमारी भाषा हमारी संस्कृति हमारा स्वाभिमान है।जल, जंगल और जमीन की रक्षा करना जरूरी है। अपनी भाषा पारंपरिक वेषभूषा , संस्कृति और पहचान को नहीं मिटने दें। उन्होंने कहा कि अपनी हक अधिकार के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर पारंपरिक आदिवासी गीत मांदर के साथ रामवृक्ष कोरवा ने प्रस्तुत किया। इस मौके पर इन्द्रमानी देवी, प्रधान बालदेव कोरवा, शोभनाथ सिंह खरवार, रामजी सिंह, शिलबेस्टर मिंज, रेणुका देवी, रूबी कुमारी सहित सैंकड़ों महिला, पुरुष, बच्चे एवं बच्चियां उपस्थित थे।

