भंडरिया(गढ़वा): गढ़वा जिले के भंडरिया थाना क्षेत्र स्थित भंडरिया गांव में विषैले जंतु के काटने से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो जाने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान कॉर्निश खलखो के 14 वर्षीय पुत्र आकर्षित खलखो के रूप में हुई है। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात आकर्षित अपने घर में सो रहा था। रात करीब दो बजे अचानक उसके सिर में तेज दर्द और जलन होने लगी। परिजनों ने देखा कि किसी विषैले जंतु ने उसे काट लिया है। आनन-फानन में घर के अंदर उस जंतु की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। शुरुआत में परिजनों को लगा कि किसी बरसाती कीड़े ने काटा होगा, लेकिन कुछ ही देर में उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उसे भंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने पर बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर किस विषैले जंतु ने किशोर को काटा था। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए रामानुजगंज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया, जहां परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया। आकर्षित की असमय मौत से पूरे भंडरिया क्षेत्र में शोक का माहौल है। अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। ग्रामीणों ने बताया कि आकर्षित शांत, विनम्र और मिलनसार स्वभाव का बच्चा था। उसकी अचानक हुई मौत से हर कोई स्तब्ध है। स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों की अपील घटना के बाद भंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा पदाधिकारियों तथा प्रखंड उप प्रमुख श्रद्धा देवी ने क्षेत्रवासियों से विशेष अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को सांप, बिच्छू या किसी भी विषैले जंतु के काटने की आशंका हो तो बिना समय गंवाए उसे तुरंत भंडरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं। किसी भी प्रकार के झाड़-फूंक, टोना-टोटका या अंधविश्वास के चक्कर में पड़ने से बचें, क्योंकि समय पर चिकित्सकीय उपचार मिलने से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विषैले जंतु के काटने से मृत्यु होने की स्थिति में पात्र पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी मुआवजा भी प्रदान किया जाता है। इसलिए घटना की सूचना तत्काल प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को देना आवश्यक है, ताकि पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता का लाभ मिल सके। लगातार दूसरी दर्दनाक घटना, लोगों में दहशत
गौरतलब है कि इसी वर्ष 3 जुलाई को भी भंडरिया थाना क्षेत्र में सांप के डसने से पांच वर्षीय बच्ची साक्षी कुमारी, पिता रमेश माझी, की मौत हो गई थी। महज कुछ दिनों के भीतर विषैले जीवों के काटने से दो लोगों की मौत ने पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बरसात के मौसम में सांप और अन्य विषैले जीव-जंतुओं के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घर और आसपास साफ-सफाई रखने, रात में सोते समय सावधानी बरतने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेने की अपील की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से बरसात के मौसम में जागरूकता अभियान चलाने तथा लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की मांग की है।

