हरिहरपुर(गढ़वा):मझिगावां पंचायत के कवलदाग टोले में लोगों के चुआंड़ का पानी पीने का सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की जांच में अलग तस्वीर सामने आई है। मंगलवार को एक ब्लॉगर द्वारा प्रसारित वीडियो के बाद जब आजाद सिपाही की टीम ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया तो पता चला कि पूरे टोले के लोग नहीं, बल्कि केवल एक घांसी परिवार अपनी इच्छा से चुआंड़ का पानी उपयोग कर रहा है।जांच में पाया गया कि बड़े पुल के दक्षिण दिशा में नदी किनारे जंगल विभाग की भूमि पर एक घांसी परिवार पिछले करीब दो माह से झोपड़ी बनाकर रह रहा है। परिवार के मुखिया मुन्ना घांसी (पिता- नंदू घांसी उर्फ नन्हू घांसी) ने
बताया कि वे मूल रूप से मेराल थाना क्षेत्र के ओखरगाड़ा गांव के निवासी हैं। वे पत्नी सोमवा देवी, पांच पुत्र और दो पुत्रियों के साथ घूम-घूमकर जीवन-यापन करते हैं। उनकी बड़ी पुत्री का विवाह भवनाथपुर थाना क्षेत्र के बुका गांव में हुआ है। मौके पर यह भी देखा गया कि परिवार के निवास स्थल से चालू स्थिति में जलमीनार लगभग उतनी ही दूरी पर है, जितनी दूरी पर वे चुआंड़ से पानी लेने जाते हैं। वायरल वीडियो की सत्यता जांचने पहुंचे प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय एवं मझिगावां पंचायत के मुखिया पति शंभू नाथ साह ने परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने परिवार को समाज की मुख्यधारा से जुड़कर रहने तथा जलमीनार का स्वच्छ पानी उपयोग करने की सलाह दी। इस पर झोपड़ी में रहने वाले लोगों ने साफ मना कर दिया कि नहीं हम जलमीनार का पानी नहीं पीएंगें। बीडीओ राकेश सहाय ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाने वाले ब्लॉगरों से अपील की कि किसी भी सूचना या वीडियो को सार्वजनिक करने से पहले उसकी पूरी तथ्यात्मक जांच अवश्य कर लें, ताकि भ्रामक जानकारी प्रसारित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा परिवार जंगल विभाग की भूमि पर अवैध रूप से रहकर जीवन-यापन कर रहा है, इसलिए पूरे गांव या टोले की स्थिति को उससे जोड़कर प्रस्तुत करना सही नहीं है।
वायरल वीडियो की जांच के बाद बीडीओ की अपील, तथ्य जांचकर ही बनाएं वीडियो

