रंका(गढ़वा):खेल मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा आयोजित प्रखंड संसाधन केंद्र, रंका के तत्वावधान में दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय सुब्रतो फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ बुधवार को रंका हाई स्कूल मैदान में हुआ। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी एवं पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम मिश्रा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर तथा फुटबॉल पर किक लगाकर संयुक्त रूप से किया।इस अवसर पर पुलिस निरीक्षक अभिजीत गौतम मिश्रा ने कहा कि रंका हाई स्कूल के मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता देखकर उनके बचपन की यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि फुटबॉल दम, अनुशासन, टीम भावना और संघर्ष का खेल है। उन्होंने बताया कि सुब्रतो कप की स्थापना वर्ष 1958 में भारत के प्रथम वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी ने की थी। उनके निधन के बाद उनके सपने को साकार करने के उद्देश्य से वर्ष 1960 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की शुरुआत कराई। इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर फुटबॉल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि जूनियर बालिका/बालक (अंडर-17) और अंडर 15 वर्ग की शुरुआत वर्ष 2012 में लड़कियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई। रंका थाना प्रभारी रवि कुमार केशरी ने कहा कि सुब्रतो कप भारतीय फुटबॉल की नई प्रतिभाओं के लिए सबसे बड़ा मंच है। भारतीय फुटबॉल टीम के कई दिग्गज खिलाड़ी, जिनमें बाईचुंग भूटिया और सुनील छेत्री जैसे नाम शामिल हैं, अपने शुरुआती दिनों में इसी प्रतियोगिता से आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को चयनित कर ‘इंडियन टाइगर’ एवं ‘टाइग्रेस’ जैसी योजनाओं के तहत जर्मनी सहित अन्य यूरोपीय देशों में विशेष प्रशिक्षण का अवसर भी दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता की प्रतिष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विश्व फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले वर्ष 2015 तथा ब्राजील के दिग्गज रिवाल्डो एवं रॉबर्टो कार्लोस वर्ष 2016 में इसके फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो चुके हैं।
रंका गढ़ के राजकुमार कुमार गुलाब प्रताप सिंह ने कहा कि सुब्रतो फुटबॉल प्रतियोगिता बच्चों में खेल के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। इससे विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास होता है तथा उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता स्कूली बच्चों के लिए केवल खेल नहीं, बल्कि उनके फुटबॉल करियर की मजबूत शुरुआत का मंच है। इस अवसर पर प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक रवि कुमार सिंह, संकुल प्रभारी सदाम हुसैन, प्रदीप कुमार एक्का, बीआरपी मनोज कुमार गुप्ता, महबूब अंसारी, धीरज कुमार सिंह, चंद किशोर सिंह, अवधेश कुमार पांडेय, सुजीत कुमार चौबे, नंदू उरांव, संजय कुमार गुप्ता, साधना सिन्हा, कल्पना कुमारी, आरती कुमारी, कार्यक्रम समन्वयक देवेंद्र नाथ उपाध्याय, संकुल प्रभारी संजय प्रसाद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षक, अभिभावक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

