
श्री बंशीधर नगर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के युवा नेता दीपक प्रताप देव ने शुक्रवार को अपने पैतृक गांव भोजपुर स्थित भोजपुर गढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा राजनीतिक खुलासा कर क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी। पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहे सियासी वार पर खुलकर बोलते हुए उन्होंने विधायक अनंत प्रताप देव को सीधे चुनौती दे दी। पत्रकारों से बातचीत में दीपक प्रताप देव ने स्पष्ट कहा कि मिशन 2029 के तहत वे भगवान रूपी जनता के आशीर्वाद और सहयोग से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि अनंत प्रताप देव को विधायक बनाने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन विधायक बनने के बाद उन्हें और उनके कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया गया।
दीपक ने आरोप लगाया कि जब भी उनका कोई कार्यकर्ता विधायक के दरवाजे पर अपनी समस्या लेकर पहुंचता था, उसकी बात नहीं सुनी जाती थी और उसे हीन भावना से देखा जाता था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ व्यक्तिगत पीड़ा नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान का सवाल है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि पारिवारिक सम्मान अपनी जगह कायम रहेगा। उन्होंने कहा, “अनंत प्रताप देव मेरे बड़े भाई हैं। जहां भी मुलाकात होगी, मैं उनका सम्मान करते हुए प्रणाम करूंगा।” दीपक प्रताप देव ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या पारिवारिक रिश्ते से नहीं, बल्कि विचारधारा से है। उन्होंने दो टूक कहा कि विधानसभा परिसीमन के बाद भी अनंत प्रताप देव जहां से चुनाव लड़ेंगे, वे उसी सीट से उनके खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगे।उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनके दिल में वर्षों का दर्द भरा हुआ है, जिसे अब वे जनता के सामने रख रहे हैं। साथ ही उन्होंने संगठनात्मक संस्कृति पर जोर देते हुए कहा, “पार्टी में अब कोई हरवाह नहीं होता, यहां सिर्फ कार्यकर्ता होते हैं।” दीपक ने यह भी कहा कि उन्हें बड़े भाई ताहिर का आशीर्वाद मिलेगा और वे झामुमो के साथ मजबूती से जुड़े रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए कहा, “हेमंत सोरेन मेरे नेता हैं। मैं आंदोलन से निकली पार्टी के साथ था, हूं और रहूंगा।”
दीपक प्रताप देव के इस बयान के बाद भवनाथपुर विधानसभा की राजनीति में 2029 को लेकर सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। अब सबकी नजर इस राजनीतिक टकराव के अगले अध्याय पर टिकी है।

