कांडी(गढ़वा):लमारी कला पंचायत के सननी गांव के जतकुटवा टोला में वन विभाग द्वारा खेतों में चल रही जेसीबी खुदाई का विरोध तेज हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि खरीदगी जमीन में लगी फसल को बर्बाद करते हुए ट्रेंच खोदा जा रहा है, जिससे लगभग डेढ़ दर्जन गरीब किसानों की जीविका पर संकट उत्पन्न हो गया है। पीड़ित किसानों ने जिला उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
किसानों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि जानकारी वाले थाना नंबर 208, पुराने खाता संख्या 76, प्लॉट संख्या 343 तथा नए खाता संख्या 103 व प्लॉट संख्या 824 की जमीन को 40 वर्ष पूर्व प्रतिफल देकर खरीदा गया था। इसी भूमि पर उन्होंने मिट्टी के घर बनाकर निवास शुरू किया। समय के साथ कुछ किसानों ने प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का मकान भी बनवा लिया। उनका कहना है कि जमीन की खरीद होने के बावजूद क्रयकर्ता ने उनके नाम पर जमीन नहीं लिखी, लेकिन कई लोगों को वन विभाग से पट्टा भी मिला है। वहीं, लगभग डेढ़ दर्जन किसान अब भी पट्टे से वंचित हैं। पीड़ित किसानों में मुखन रजवार, अमृत रजवार, रमन रजवार, प्रदीप यादव, रूपन रजवार, लखन रजवार, रामजी यादव, लक्ष्मण रजवार, सुनेश्वर रजवार सहित कई किसानों ने अलग–अलग माप की जमीन खरीदने की बात कही। ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं खेतों में उगाई गई फसलों से उनका भरण–पोषण होता है। इस वर्ष उनके खेतों में चना, सरसों सहित अन्य फसल लगी हुई थी जिसे जेसीबी से नुकसान पहुंचाया गया। किसानों ने बताया कि वर्ष 2019 में वन विभाग ने नोटिस जारी किया था। कुछ किसानों ने हाईकोर्ट से बेल लिया, जबकि कुछ अभी तक स्थानीय कोर्ट में केस लड़ रहे हैं। इसी बीच अचानक बिना पूर्व सूचना जेसीबी मशीन लगाकर ट्रेंच बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
इस संबंध में भवनाथपुर वन क्षेत्र के रेंजर प्रमोद कुमार से फोन पर संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि “कार्य सर्वे के आधार पर प्रारंभ किया गया है। यदि किसी के पास वैध कागजात हैं तो वह जमा करे।” साथ ही उन्होंने स्वास्थ्यगत कारणों से अधिक बात करने में असमर्थता जताई। किसानों ने मुख्यमंत्री तथा जिला प्रशासन से स्वयं के जीवन–यापन के आधार भूमि का पट्टा दिलाने और फसल बर्बादी सहित ट्रेंच निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।

