कांडी(गढ़वा):प्रखंड के खुटहेरिया पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय गोसांग में तीन रसोइयों के इस्तीफा देने के कारण मध्याह्न भोजन योजना प्रभावित हो गई है। विद्यालय में पिछले चार दिनों से मध्याह्न भोजन बंद है। इस संबंध में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक गोविंदर राम ने शुक्रवार को बीआरसी कार्यालय को लिखित आवेदन देकर नया रसोइया चयन होने तक आसपास के विद्यालयों से वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है। बताया गया कि विद्यालय में कुल चार रसोइया कार्यरत थीं। इनमें रीता देवी, ऊना कुंवर और रेखा देवी ने मात्र दो हजार रुपये के मानदेय में कार्य करने में असमर्थता जताते हुए इस्तीफा दे दिया। अब विद्यालय में केवल इंदा देवी ही रसोइया बची हैं, जिनके लिए अकेले 327 बच्चों का भोजन तैयार करना संभव नहीं है। विद्यालय में 4 अगस्त से मध्याह्न भोजन बंद है। हालांकि 5 अगस्त को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत भोजन बनाया गया था, लेकिन 6 अगस्त से पुनः मध्याह्न भोजन बंद है। इससे विद्यालय में नामांकित 327 बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है। बीईईओ के आदेश संख्या 214, दिनांक 1 अगस्त 2026 के निर्देश पर पर्यवेक्षक की देखरेख में 5 अगस्त को विद्यालय परिसर में नए रसोइया के चयन को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में काफी संख्या में माताएं शामिल हुईं, लेकिन दो हजार रुपये के अल्प मानदेय पर किसी ने भी मध्याह्न भोजन बनाने की जिम्मेदारी लेने की सहमति नहीं दी। विद्यालय के सभी शिक्षक और प्रबंधन समिति के सदस्य रसोइया की व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि प्रधानमंत्री पोषण योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसे किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं होना चाहिए। रसोइयों का कहना है कि मात्र दो हजार रुपये के मानदेय में पूरे महीने प्रतिदिन भोजन बनाने की जिम्मेदारी लेना बेहद कठिन है। इस संबंध में बीपीओ रविन्द्र कुमार मेहता ने कहा कि विद्यालय प्रभारी द्वारा मध्याह्न भोजन बंद होने की लिखित सूचना दी गई है। समस्या से जिला कार्यालय को अवगत करा दिया गया है। जिला कार्यालय से जो भी निर्देश प्राप्त होगा, उसका अनुपालन कराया जाएगा।

