कांडी(गढ़वा)भीषण ठंड के बीच सरकार द्वारा असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को वितरित किए जाने वाले कंबलों का वितरण कब होगा, यह कहना फिलहाल भगवान भरोसे ही नजर आ रहा है। वर्तमान समय में पूरे क्षेत्र में दिनभर सर्द हवाएं चल रही हैं और घना कोहरा वातावरण को अपनी चादर में लपेटे हुए है, जिससे ठंड का प्रकोप चरम पर पहुंच चुका है। इस कड़ाके की ठंड में सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। ऐसे समय में सरकार की ओर से कंबल वितरण अत्यंत आवश्यक माना जाता है, लेकिन हर वर्ष की तरह इस बार भी सवाल उठ रहा है कि जब कंबल वितरण की सबसे अधिक जरूरत होती है, तब यह योजना ज़मीन पर क्यों नहीं उतरती। यदि ठंड की शुरुआत में ही कंबल बांट दिए जाते, तो कई जरूरतमंदों को राहत मिल सकती थी।विडंबना यह है कि कंबलों का वितरण अक्सर उस समय किया जाता है, जब ठंड अपना असर खोने लगती है। ऐसे में ‘का वर्षा जब कृषि सुखाने’ वाली कहावत पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई दे रही है। वर्तमान में ठंड दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लेकिन न तो प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों की सक्रियता कहीं नजर आ रही है। आशंका जताई जा रही है कि ठंड खत्म होते ही बुजुर्गों के बीच एक-एक कंबल बांटकर औपचारिकता पूरी कर वाहवाही लूटी जाएगी।
इस संबंध में कांडी प्रखंड मुखिया संघ के अध्यक्ष अमित कुमार दुबे ने बताया कि सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रखंड विकास पदाधिकारी से आग्रह किया गया है कि बढ़ती ठंड को देखते हुए शीघ्र कंबल वितरण कराया जाए, क्योंकि जरूरतमंदों की स्थिति दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
वहीं, कांडी प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश सहाय ने बताया कि उच्चाधिकारियों से अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस ओर जल्द ही सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

