केतार:गढ़वा जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर स्थित केतार का श्री श्री मां चतुर्भूजी शक्तिपीठ मंदिर श्रद्धालुओं की अगाध आस्था और आध्यात्मिक चेतना का मुख्य केंद्र बना हुआ है।करीब 300 वर्षों से लोगों की अटूट आस्था से जुड़ा यह प्राचीन मंदिर अपनी ऐतिहासिक धार्मिक मान्यताओं,विशिष्ट परंपराओं और भव्यता के लिए पूरे क्षेत्र में खास पहचान रखता है।
वर्तमान में शारदीय नवरात्र का पावन अवसर चल रहा है और आज नवरात्र का चौथा दिन है, जिसके चलते यहां का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया है।इन पवित्र दिनों में केतार समेत दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार पहुंचकर मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं और दर्शन-पूजन कर खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं। इस प्राचीन मंदिर की भव्यता और दिव्यता का सहज अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी छटा निराली है और इसके 60 फीट ऊंचे भव्य गुंबद पर पवित्र ध्वज हमेशा शान से लहराता रहता है।इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका गर्भगृह है,जहां 61 किलोग्राम शुद्ध चांदी से निर्मित अत्यंत मनमोहक और भव्य श्रीयंत्र स्थापित है और उसी पर मां चतुर्भूजी भगवती विराजमान हैं।क्षेत्र के श्रद्धालुओं के बीच यह अटूट मान्यता और गहरी आस्था है कि सच्चे मन, पूरी निष्ठा और पवित्रता के साथ मां के दरबार में जो भी मुराद या मन्नत मांगी जाती है, वह निश्चित रूप से पूरी होती है। इसी अगाध विश्वास के साथ रोजाना सैकड़ों भक्त मां के दरबार में पहुंचकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

