रंका(गढ़वा):प्रखंड अंतर्गत ग्राम-उड़सुगी के टोला – करौंदा में 30 अगस्त दिन रविवार को सरना स्थल में करौंदा सरना समिति के तत्त्वाधान में 6ठा सरना झंडा स्थापना दिवस सह सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पाहन राजेंद्र उरांव एवं सोहराई उरांव के द्वारा पारंपरिक विधि विधान के साथ पूजा पाठ के साथ किया गया। मंच का संचालन उमेश उरांव के द्वारा किया गया !इस अवसर पर आदिवासी समाज का परम्परा, रीतिरिवाज,बच्चे को पढ़ाने, नशा से दूर रहने, लड़का या लड़की के नाम के बाद उपनाम उरांव लिखवाने पर बल दिया गया क्योंकि गोत्र या कुमार, कुमारी लिखवाने से उरांव समाज का पहचान खोते जा रहा है। इसलिए समाज का पहचान बरक़रार रखने के लिए उरांव नाम के बाद जरूर लिखने एवं कुड़ुख उरांव भाषा को बचाने पर बल दिया गया। साथ ही उरांव समाज के कक्षा मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट एवं बीए पास छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका हौंसला को बढ़ाया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य अतिथि के रूप में उड़सुगी मुखिया तेतरी उरांव,मुखिया प्रतिनिधि राजन उरांव, एवं उड़सुगी करौंदा सरना समिति शिवपूजन उरांव, सुरेंद्र उरांव, छोटू उरांव, सुमित उरांव, विकास उरांव, संतोष उरांव, राजबली उरांव, धर्मदेव उरांव, रामजतन उरांव सहित सभी पदाधिकारी, सदस्य, महतो अन्य गन्यमान्य व्यक्तियों ने अहम भूमिका निभाया। इस मौके पर आदिवासी सरना विकास परिषद गढ़वा के अध्य्क्ष बीरेंद्र उरांव, उपाध्यक्ष महेंद्र उरांव, कोषध्यक्ष उमेश उरांव,जिला सदस्य सह रंका प्रखंड अध्यक्ष सुनील उरांव, मंझिआंव प्रखंड अध्यक्ष जगदीश उरांव, लवली उरांव,दिलीप उरांव ,राजेंद्र उरांव, ललिता उरांव, राजेंद्र उरांव, मझिगवां रंका, शेरासाम,फरठिया नगदरवा, प्रतापपुर, भैसमरवा,उड़सुगी,बिडंडा, रामपुर,बीरबंधा के उरांव आदिवासी समाज के हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, युवक, युवती, बच्चे एवं बच्चियां उपस्थित थे।

