कांडी(गढ़वा):प्रखंड की ग्राम पंचायत बलियारी इन दिनों दोहरी त्रासदी के साये में है। बीते 31 मार्च को गांव की दो प्रतिष्ठित वृद्ध महिलाओं के आकस्मिक निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना से जहां परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे गांव में ‘सूतक’ लग जाने के कारण प्रस्तावित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ की तिथियों में बदलाव करना पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना में सीताराम दुबे की 96 वर्षीया पत्नी सुमति कुंवर का निधन हो गया। ग्रामीण इस शोक से उबर भी नहीं पाए थे कि रांची के रिम्स में इलाजरत धनंजय दुबे की 76 वर्षीया पत्नी विमला देवी के निधन की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। एक ही दिन में दो महिलाओं की मृत्यु से गांव में गहरा मातम छा गया है। ग्रामीणों ने बताया कि महायज्ञ की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और 4 अप्रैल को भव्य जलयात्रा प्रस्तावित थी। लेकिन सूतक और शोकपूर्ण माहौल को देखते हुए सामूहिक निर्णय के तहत अब जलयात्रा 18 अप्रैल को निकाली जाएगी। महायज्ञ का आयोजन 18 से 23 अप्रैल तक किया जाएगा। गांव के बुजुर्गों के अनुसार, लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण सूतक के दायरे में हैं, जबकि शेष 20-25 प्रतिशत लोग यज्ञ से संबंधित व्यवस्थाओं एवं संत-महात्माओं के प्रवचन का संचालन कर रहे हैं। वर्तमान में यज्ञशाला में सन्नाटा पसरा है और ग्रामीणों के चेहरों पर गहरी उदासी देखी जा रही है। बावजूद इसके, प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से 6:30 बजे तक कथा का क्रम जारी है। ग्रामीणों ने क्षेत्रवासियों से 18 अप्रैल को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर महायज्ञ में भाग लेने की अपील की है।

