रंका(गढ़वा): सरना विकास परिषद गढ़वा व आदीवासी सरना विकास समिति ऊंचरी , मझिगवां के संयुक्त तत्वाधान में सरना स्थल पर आयोजित प्रकृति महापर्व सरहुल तथा छठवीं वर्षगांठ सरना झंडा स्थापना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस मौके पर उपस्थित शिक्षक सह समाजसेवी आशीष कुमार सिंह ने सभी को सरहुल पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह सरहुल पर्व प्रकृति को सहेजने , तथा एकता एवं शांति का संदेश देतें हैं , जबकि रंका दक्षिणी भाग की जिला परिषद सदस्या प्रमिला देवी ने बताया कि आज का दिन हमारे क्षेत्र के लिए बहुत ही खुशी का दिन है जिसमें सरना समाज से जुड़े हुए सभी लोगों का आगमन हुआ है। आज का दिन संकल्प लेने का दिन है कि हम सभी अपने समाज को अग्रिम पंक्ति में लाने के लिए शिक्षा के साथ अपने हक एवं अधिकार के लिए जागृत हों । वहीं जिला परिषद प्रतिनिधि रतन सिंह ने भी कहा कि हमारा आदीवासी सरना समाज वीरों का समाज रहा है जिन्होंने अपने समाज और धर्म की रक्षा और मान सम्मान के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दियें इसलिए आज की पीढ़ी को ऐसे वीरों से सीखने की जरूरत है । वनों को आग से बचाने , तथा जल संग्रहण एवं उसका संरक्षण करने के लिए भी सभी को प्रेरित किया । जबकि कार्यक्रम में उपस्थित आदि कुडूख सरना समाज पलामू प्रमंडल के अध्यक्ष मिथिलेश उरांव ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि हमारे सरहुल पर्व को और महत्वपूर्ण तथा महत्वाकांक्षी बनाने के लिए हम सभी को अपने पूर्वजों की इस महान विरासत को सहेजने की आवश्यकता है जिसमें हम आदिवासियों की रीति रिवाज , मांदर , नगाड़ा , ढांक , सरना झंडा , वाद्ययंत्र , धोती , लाल पाढ़ सारी , एवं पगड़ी को धारण करने के साथ ही खुद को उतारने की आवश्यकता है । हमारा आदीवासी समाज जल , जंगल , और जमीन का संरक्षक होने के साथ साथ प्रकृति पूजक भी हैं । समाज में एकता स्थापित करने के साथ साथ अपने एतिहासिक जीवन पर भी प्रकाश डालते हुए अध्यक्ष मिथिलेश उरांव ने बताया कि हमारा सरना समाज अनेकों वीरों से भरा हुआ है जिन्होंने अंग्रेजों से लोहा लेने का कार्य किया । अतः आज इस पर विचार करने की आवश्यकता है । सचिव शंकर उरांव ने भी अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि अपने समाज को विकास की ओर ले जाने के लिए सर्व प्रथम युवा पीढ़ी को आगे आना होगा तभी जा कर हमारे सरना समाज की संस्कृति , सभ्यता , एवं परंपरा की रक्षा हो पाएगी । और इन सभी के लिए धूमकुड़िया का सफल संचालन करना बहुत जरूरी है । वहीं कार्यक्रम में उपस्थित महिला समिति जिला अध्यक्ष सरिता उरांव ने कहा कि हमारे सरना समाज से जुड़ी माताएं , बहनें किसी से कम नहीं हैं । आज शिक्षा , खेल , स्वास्थ्य , आर्थिक , सामाजिक , एवं राजनीतिक के क्षेत्र में भी हमारी बहनों का योगदान सराहनीय है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में आदीवासी सरना विकास परिषद उपाध्यक्ष महेंद्र उरांव , सचिव मुखलाल उरांव , कोषाध्यक्ष उमेश उरांव , रंका प्रखंड अध्यक्ष सुनील उरांव , मीडिया प्रभारी पंचन उरांव , अध्यक्ष रामबली उरांव , उपाध्यक्ष भदेस उरांव , सचिव दिकदार उरांव। कोषाध्यक्ष मनोज उरांव , एवं संगठन मंत्री ईश्वर उरांव सहित काफी संख्या में विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए लोग उपस्थित थें जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन जिला सचिव मुखलाल उरांव, जिला कोषाध्यक्ष उमेश उरांव, लवली उरांव के द्वारा किया गया। इस मौके पर विधिक सेवा प्राधिकरण गढ़वा से जुड़े मानपुर पंचायत के पीएलवी अमरेन्द्र कुमार, विश्रामपुर पंचायत के पीएलवी राजेश कुमार चौधरी सहित काफी संख्या में महिला पुरुष बच्चे एवं बच्चियां उपस्थित थे।

