रंका(गढ़वा):रंका अनुमंडल अंतर्गत भंडरिया प्रखंड के नौका गांव स्थित प्रभण बाबा देव स्थल के प्रांगण में रविवार को प्रकृति महापर्व सरहुल महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति प्रेमी पूजक खासकर आदिवासी सरना धर्म संस्कृति समाज के लोग काफी संख्या में उपस्थित हुए एवं पाहन पंडितों के द्वारा भूमि पूजा किया गया और सभी ने धूमधाम से सरहुल मनाए।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य के पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर के प्रतिनिधि के रूप में झामुमो केन्द्रीय समिति सदस्य सह बीस सूत्री जिला उपाध्यक्ष नितेश सिंह, जिलाध्यक्ष शंभू राम,जवाहर पासवान सहित जिला कमेटी के लोग शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए नितेश सिंह ने कहा कि सरहुल प्रकृति का महापर्व है। आदिवासी समाज जल, जंगल और जमीन की रक्षा करते हैं। जल, जंगल और जमीन नहीं रहे तो दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं जहां पर लोहा और रबर के मकान बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश के आदिवासी समाज के लोग प्रकृति पूजक एवं उपासक हैं, इस प्रकार हमारा मानना है कि आदिवासी समाज ही हमारे लिए भगवान हैं, प्रकृति की रक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि जंगल नहीं रहे तो सांस लेना मुश्किल हो जाएगा।आज दुनिया में युद्ध छिड़ा हुआ है,हम चाहते हैं कि मेरा देश सुरक्षित रहे। दुनिया के रिहायशी इलाका जहां लोग पच्चीस तल्ला,पच्चास तल्ला की रहते हैं,वो कहां जाएंगे जब खाने के लिए अन्न और भोजन बनाने के लिए गैस नहीं मिलेगी। लेकिन उस हिसाब से हम लोग सुरक्षित हैं क्योंकि हम लोग जंगलों पहाड़ों में रहते हैं। उन्होंने कहा कि भंडरिया आने पर मुझे बहुत अच्छा लगता है,जब यहां के लोग आत्मीय दिल से मिलते स्वागत करते हैं।इस मौके पर जिलाध्यक्ष शंभू राम, युवा जिलाध्यक्ष श्रवण सिंह खरवार उर्फ संजय छोटू,रतन सिंह, केन्द्रीय समिति सदस्य जवाहर पासवान, रंका उतरी जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि राहुल तिवारी, कार्तिक पांडेय, दीपक कुमार सोनी, पप्पू यादव, अहमद अली अंसारी, मुखिया इजहार अंसारी सहित काफी संख्या में महिला पुरुष बच्चे एवं बच्चियां उपस्थित थे।

