भंडरिया(गढ़वा):प्रकृति पूजा और आदिवासी संस्कृति के प्रमुख पर्व सरहुल को भंडारिया प्रखण्ड मुख्यालय में बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह पर्व विशेष रूप से प्रकृति, जंगल और जल स्रोतों के प्रति आस्था एवं कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है, जिसमें सखुआ (साल ) वृक्ष की पूजा कर सुख-समृद्धि और अच्छी फसल की कामना की जाती है।इस अवसर पर भंडरिया के नौका स्थित परभन बाबा देव स्थल पर आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे महिला-पुरुषों ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ साल वृक्ष का पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने नौका डाढ़ी कुआं से जल उठाकर परभन बाबा का जलाभिषेक किया तथा बैगा द्वारा विधिवत पूजा संपन्न कराई गई।कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया के प्रतिनिधि रामकरेश चौरसिया, अमलेश चौरसिया और भीष्म चौरसिया सहित भाजपा नेता मुकेश निरंजन सिंह, ठाकुर प्रसाद महतो, ओमप्रकाश केसरी, कुंवर सिंह, अधिवक्ता अरविंद पांडे प्रखंड प्रमुख रुक्मणी कुमारी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने बैगा पाहन देवार को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया, वहीं आयोजन समिति द्वारा भी सभी अतिथियों का माला और अंगवस्त्र से स्वागत किया गया।कार्यक्रम की सफलता में अध्यक्ष विनय सिंह, ब्रह्हदेव सिंह, विजय केशरी जितन सिंह, वीरेंद्र सिंह, मंटू सिंह, बिरजू सिंह, उपेंद्र सिंह, गंगा सिंह व धनपत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बरगढ़ निवासी रवि शंकर गुप्ता द्वारा भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।साथ ही आनंदी सिंह के नेतृत्व में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य एवं गीत प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। मेले का आयोजन भी किया गया, जहां झूला व बच्चों के लिए लगाया गया जंपींग आकर्षण का केंद्र बना रहा। वहीं जोगिया मठ स्थित ढापन पानी पहाड़ी के सरना स्थल पर भी सरना धर्मावलंबियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद ढापन पानी पहाड़ी से इंदिरा गांधी चौक तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आदिवासी महिला पुरुष समेत युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुषों की भागीदारी रही। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष हरिदास तिर्की सचिव अतुल मिंज कोषाध्यक्ष झगरू मिंज, उपाध्यक्ष शंभू उरांव पीटर मिंज संजय कच्छप,विजय कच्छप, राजेन्द्र तिर्की के नाम सामिल है।

