श्री बंशीधर नगर प्रखंड के कोलझिकि पंचायत में वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत सेवक और मुखिया पर सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगा है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में पंचायत द्वारा 74 सीमेंटेड कुर्सियों की खरीद दिखाई गई थी। जिसमें फरवरी 2025 में पंचायत सेवक और मुखिया द्वारा 12,154 रुपये प्रति कुर्सी की दर से कुल 8,80,000 रुपये का भुगतान किया गया था। इसी खरीद में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए 10 अक्टूबर 2025 को पंचायत के वार्ड सदस्यों और ग्रामीणों ने उपायुक्त को आवेदन दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि 74 कुर्सियों में से मात्र 50 कुर्सियां ही पंचायत में लगी हैं। इतना ही नहीं, जिस कुर्सी का बाजार मूल्य 3,776 रुपये है, उसका भुगतान 12,154 रुपये प्रति कुर्सी दर से दिखाया गया है। इससे लगभग 2,91,000 रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है। ग्रामीणों की शिकायत पर उपायुक्त ने बीडीओ को जांच का निर्देश दिया था।
स्थानीय विधायक अनंत प्रताप देव ने भी 27 जून 2025 को इस मामले में जांच की अनुशंसा की थी। जांच शुरू होने के बाद पंचायत के मुखिया और तत्कालीन पंचायत सेवक से स्पष्टीकरण मांगा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्पष्टीकरण के बाद मामले को दबाने की कोशिशें तेज हो गईं। शिकायत को गलत साबित करने के लिए 28 नवंबर की रात पंचायत में दो पिकअप से सामग्रियां गिराई गईं और रातोंरात सीमेंटेड कुर्सियां लगाने का प्रयास किया गया।
आसपास के ग्रामीण बेलास भुइया, श्रीकेश भुइया, संतोषी देवी और राजधानी भुइया ने बताया कि शुक्रवार की रात अचानक सामान गिरते देखा गया। सुबह उठने पर पाया कि नई सीमेंटेड कुर्सियां लग चुकी थीं। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई।
तत्कालीन पंचायत सेवक का बयान:
पूर्व पंचायत सेवक विकास जैसवाल ने कहा कि “एसडीओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार सभी कुर्सियां लग चुकी हैं।” लेकिन जब उनसे पूछा गया कि स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद अचानक रात में कुर्सियां कैसे लगनी शुरू हो गईं, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।
वर्तमान पंचायत सेवक का बयान:
वर्तमान पंचायत सेवक शशि कुमार ने बताया कि उन्होंने अगस्त 2025 में प्रभार लिया है, लेकिन पूर्व पंचायत सेवक ने पूरी फाइलें नहीं सौंपी हैं। उन्होंने कहा कि कुर्सियों की हालिया लगाई गई व्यवस्था उनकी जानकारी या मद से नहीं हुई, हालांकि उन्होंने कुर्सियां लगने की पुष्टि की।पूरा मामला अब जांच के अधीन है और ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं।

