मझिआंव (गढ़वा): नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 स्थित भुसूआ गांव में स्वीकृत पीसीसी सड़क को निर्माण शुरू होने से पहले ही दूसरे गांव में स्थानांतरित किए जाने का मामला गरमाता जा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और संवेदक पर अनियमितता व मनमानी का आरोप लगाते हुए तीखा आक्रोश व्यक्त किया है।
ग्रामीणों ने बताया कि मदरसा से लेकर सिराज खान के घर तक प्रथम चरण, सिराज खान के घर से तीन मुहान पाल टोला तक द्वितीय चरण और वहां से क्लॉक पाल के घर तक तृतीय चरण में तीन संवेदकों द्वारा पीसीसी पथ बनाए जाने की स्वीकृति नगर विकास सह आवास विभाग द्वारा दी गई थी। इसके बावजूद योजना को बिना जानकारी और बिना सहमति के अचानक दूसरे वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।
ग्रामीणों—इबरार खां, अशोक पाल उर्फ बिंदेश्वरी पाल, अफसर खां, राजा खान, कौशल इकबाल, राजा राम, अजीत पाल, दयानंद पाल, अजीत कुमार, अभिषेक कुमार, सुनर पाल, विक्रम पाल, शर्मा पाल सहित बड़ी संख्या में मौजूद महिला-पुरुषों ने बताया कि जिस मार्ग पर पीसीसी पथ स्वीकृत हुआ था, वह वर्षों से जर्जर है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है। ऐसे में दूसरी जगह योजना को भेज देना न सिर्फ अनुचित है बल्कि ग्रामीणों के साथ अन्याय है।ग्रामीणों ने कहा कि संवेदक के द्वारा विभागीय अधिकारी को यह कहकर गुमराह किया गया कि गांव में भारी विरोध है, जबकि हकीकत यह है कि गांव में निर्माण सामग्री तक नहीं गिराई गई थी। ऐसे में विरोध का सवाल ही नहीं उठता।उन्होंने आरोप लगाया कि चयनित स्थल से जानबूझकर योजना हटाई गई है और स्थानीय लोगों की परेशानी को दरकिनार कर दूसरे वार्ड को लाभ पहुंचाया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सही स्थल पर निर्माण बहाल नहीं किया गया तो वे क्षेत्रीय विधायक और जिला उपायुक्त से मिलकर औपचारिक शिकायत करेंगे।इधर, कार्यपालक पदाधिकारी शैलेश कुमार ने कहा कि स्वीकृत स्थल विवादित होने के कारण पीसीसी सड़क योजना को दूसरे वार्ड में भेजा गया है।

