केतार(गढ़वा):सरकारी दफ्तरों में सुशासन के दावों की धज्जियाँ उड़ाते हुए केतार अंचल कार्यालय से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय कर्मी नशे में चूर होकर गुंडागर्दी पर उतारू हैं।अंचल कर्मी राजेश त्रिपाठी सहित तीन कर्मियों पर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मदहोश रहने और काम के लिए आए ग्रामीणों के साथ गाली- गलौज व मारपीट की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है।शराब के नशे में धुत कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ तो दुर्व्यवहार किया ही उसके बाद कार्यालय में ड्यूटी पर उपस्थित कर्मियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया।
सरकारी आवास में ‘जाम से जाम’ और जनता का अपमान
जानकारी के अनुसार एक ग्रामीण रवि कुमार गुप्ता’रजिस्टर 2′ की नकल लेने के लिए अंचल कार्यालय पहुँचा था।आरोप है कि कर्मी राजेश त्रिपाठी ने उसे अपने सरकारी आवास पर बुलाया। जब ग्रामीण वहां पहुँचा,तो नजारा हैरान करने वाला था। ड्यूटी के समय पर ही कर्मी राजेश त्रिपाठी शराब के नशे में इस कदर मदहोश थे कि उन्हें पद की गरिमा का कोई ख्याल नहीं रहा। जब ग्रामीण ने अपने कार्य का अनुरोध किया, तो नशे में धुत कर्मी ने काम करने के बजाय उसे भद्दी-भद्दी गालियां देनी शुरू कर दीं और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया और तस्वीरें खींच लीं। वायरल फोटो और वीडियो में साफ देखा जा सकता है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि केतार अंचल कार्यालय में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार कर्मियों की मनमानी और नशेबाजी की शिकायतें की गई हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण इन कर्मियों के हौसले बुलंद हैं। जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या सरकारी आवास और कार्यालय अय्याशी के अड्डे बन गए हैं?
जनता की मांग:
क्षेत्र के आक्रोशित लोगों ने जिला प्रशासन और उपायुक्त गढ़वा से मांग की है कि केवल जांच का भरोसा न दिया जाए, बल्कि ऐसे ‘नशेड़ी’ और ‘बदजुबान’ कर्मियों को तत्काल निलंबित कर उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि सरकारी दफ्तरों की साख वापस लौट सके।
क्या कहते है पीड़ित रवि कुमार गुप्ता
हम अपना काम कराने जाते हैं और हमें गालियां मिलती हैं। अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार और नशाखोरी का बोलबाला हो गया है। विरोध करने पर जेल भेजने की धमकी दी जाती है।
इस मामले में क्या कहते हैं अंचलाधिकारी (C O)प्रशांत कुमार उन्होंने कहा,मामला अत्यंत गंभीर है। वायरल वीडियो और लिखित शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।दोषियों का मेडिकल किया गया।मेडिकल रिपोर्ट पॉजिटिव पर जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

