कांडी(गढ़वा):झारखंड सरकार द्वारा प्रस्तुत हालिया बजट को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। परिषद के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रिंस कुमार सिंह ने बजट को “दिखावटी, दिशाहीन और जनविरोधी” बताते हुए कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने “अबुआ दिशोम” के नाम पर जनता की उम्मीदों के साथ छल किया है। प्रिंस सिंह ने कहा कि राज्य के छात्र और युवा इस समय OBC छात्रवृत्ति जैसे बुनियादी मुद्दों को लेकर सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने बजट भाषण में इस संवेदनशील विषय पर चुप्पी साध ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि केवल “बाल बजट” और सुझावों का ढोल पीटने से छात्रों की शैक्षणिक और आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं होता। जब तक शिक्षा के लिए ठोस वित्तीय प्रावधान और समयबद्ध कार्ययोजना नहीं होगी, तब तक यह बजट कागजों तक ही सीमित रहेगा।
बेरोजगारी के सवाल पर ABVP नेता ने सरकार के रुख को “शर्मनाक” करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन, कौशल विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखता। प्रिंस सिंह ने सवाल उठाया कि सरकार कब तक केंद्रीय सहायता और आर्थिक दबाव का हवाला देकर अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाती रहेगी।
उन्होंने आगे कहा कि बजट में न किसानों के लिए लक्षित योजनाएं हैं और न ही व्यापारियों को राहत देने का कोई ठोस खाका। इसे “विजनलेस” बताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा को हाशिये पर रखना और रोजगार से पल्ला झाड़ लेना सरकार की प्राथमिकताओं को उजागर करता है। अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट छात्र, युवा और किसान विरोधी है, और प्रदेश का युवा अब खोखले दावों को पहचान चुका है, आने वाले समय में सरकार को इसका करारा जवाब मिलेगा।

