रविकांत चंद्रवंशी
केतार(गढ़वा):सरस्वती शिशु विद्या मंदिर केतार में रविवार को सप्तशक्ति संगम महोत्सव का आयोजन धूमधाम एवं उत्साह के साथ किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ द्वीप प्रज्वलित कर किया।कार्यक्रम का संचालन गीतांजलि दीदी के द्वारा किया गया।इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से महिलाओं की संख्या अधिक रही। विद्यालय परिसर में आगमन पर उच्च कक्षाओं के भैया-बहनों द्वारा माताओं को धागा बाँधकर एवं माथे पर तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।इस अवसर पर महिलाओं को संस्कार,शिक्षा में माताओं की भूमिका,बच्चों के सर्वांगीण विकास,पारिवारिक मूल्यों एवं सामाजिक दायित्वों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण बातें समझाई गईं।कार्यक्रम की अतिथि प्रांत सप्तशक्ति संगम की संयोजिका शीला देवी ने अपने संबोधन में कहा कि जो शक्तियाँ महिलाओं में अंतर्निहित होती हैं, वे पुरुषों में नहीं होतीं।
आवश्यकता केवल इस बात की है कि महिलाएँ अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानें एवं उन्हें जागृत करें और समाज व राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ।वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के चरित्र निर्माण में माता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है तथा संस्कारयुक्त शिक्षा से ही सशक्त और सुसंस्कृत समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम का वातावरण अनुशासित, प्रेरणादायी एवं भावनात्मक रहा,जिससे उपस्थित सभी माताएँ अत्यंत प्रभावित हुए।कार्यक्रम में गढ़वा के संयोजिका आरती देवी, विद्यालय के प्रधानाचार्य मनोज गुप्ता, केतार संयोजिका मीना दीदी, श्वेता कुमारी, पुष्पा कुमारी, चंदा कुमारी, सविता कुमारी, मीना कुमारी, सुदीप कुमार पाल, रमेश पाल, श्याम बिहारी राम, दीनानाथ पटेल, उदित कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला अभिभावक उपस्थित रहीं।

