मेराल(गढ़वा): जिला मुखिय संघ की बैठक मंगलवार को प्रखंड परिसर स्थित पंचायत सचिवालय के सभागार में जिलाध्यक्ष शरीफ असारी की अध्यक्षता में हई। बैठक में बीते दिनों जिला प्रशासन द्वारा अनियमितता के आरोप में मनरेगा कर्मियों और मुखिया पर की गई कार्रवाई से आक्रोश व्यक्त किया गया। बैठक में जिले के कई प्रखंड के दर्जनों की संख्या में शामिल सभी मुखिया ने एक स्वर से जिला प्रशासन के रवैया का आलोचना करते हुए जिले में मनरेगा कार्य बंद होने और ग्रामीणों का पलायन जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। बैठक के बाद जिला अध्यक्ष शरीफ अंसारी ने कहा कि पंचायती राज तथा वित्त आयोग में फंड उपलब्ध नहीं रहने से पंचायत में विकास कार्य पूरी तरह से ठप है। उन्होंने पंचायत को फंड नहीं देने और मुखिया को मईया सम्मान योजना के बराबर ढाई हजार मानदेय देने के लिए झारखंड सरकार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा करने वाले मुखिया का निलंबन कहीं से उचित नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से पुनर्विचार करते हुए निलंबन वापस करने तथा विकास कार्यों मे सहयोग करने का अपील किया। मुखिया संघ के मेराल प्रखंड अध्यक्ष रामसागर महतो ने कहा कि विगत डेढ़ वर्ष पंचायत में विकास कार्य की स्थिति ठप है। जनता की मांग पर एक चापाकल का मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं। मुखिया अनिल चौधरी ने कहा कि जांच के नाम पर जिला प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों तथा कर्मियों को परेशान किया जा रहा है, जिससे लोगों में भय का माहौल व्याप्त है। वहीं रक्सी पंचायत की मुखिया अंजू देवी ने कहा की जनता की उम्मीद पर मुखिया तो बन गए लेकिन स्थिति यह है कि फंड के अभाव में विकास नहीं कर पा रहे हैं, जनता के जरूरत का छोटे से छोटे काम भी हम लोग नहीं कर पा रहे हैं। मुखिया अजय प्रसाद गुप्ता, मनदीप सिंह, मुखिया पति धर्मराज भारती, हरेंद्र चौधरी आदि ने कहा कि अगर जिला प्रशासन का रवैया में सुधार नहीं हुआ तो हम लोग बाध्य होकर चरणबद्ध आंदोलन कर, जिला प्रशासन को चैन से सोने नहीं देंगे। बैठक में मुखिया संघ द्वारा पंचायत सेवक तथा रोजगार सेवक को हर तरह से सहयोग करने का आश्वासन दिया गया। बैठक में रमेश कुमार पासवान, सुनीता देवी, राजेंद्र चौधरी, गोपाल कुमार यादव, सुरेंद्र गोस्वामी, मुन्ना राम, कृष्णकांत सिंह, मनीषा देवी, जगजीवन रवि, अनंत कुमार पांडे आदि शामिल थे।

