गढ़वा: भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पार्टी विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी करने वाले युवा नेता दीपक प्रताप देव को सोमवार को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया है।
जिलाध्यक्ष शंभू राम और जिला सचिव शरीफ अंसारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी नोटिस में दीपक प्रताप देव से एक सप्ताह के भीतर लिखित जवाब मांगा गया है। पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए पार्टी के केंद्रीय कार्यालय भेज दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
शोकॉज नोटिस में उल्लेख किया गया है कि 3 जुलाई को दीपक प्रताप देव ने झामुमो का पट्टा पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने भवनाथपुर के विधायक अनंत प्रताप देव के खिलाफ खुलकर बयान दिए और 2029 के विधानसभा चुनाव में उसी सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान करते हुए उन्हें सीधी चुनौती दी थी।
पार्टी ने इसे नीति, सिद्धांत और संगठनात्मक अनुशासन का उल्लंघन माना है। नोटिस में कहा गया है कि किसी पार्टी पदाधिकारी या कार्यकर्ता द्वारा सार्वजनिक मंच से पार्टी विधायक के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए थे कई आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान दीपक प्रताप देव ने विधायक अनंत प्रताप देव पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि विधायक अपने कार्यकर्ताओं की समस्याएं नहीं सुनते और उनके दरवाजे पर जाने वाले लोगों को भी महत्व नहीं दिया जाता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या पारिवारिक रिश्ते से नहीं, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है और वे 2029 में उसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे, जहां से अनंत प्रताप देव उम्मीदवार होंगे।
दीपक प्रताप देव के इन बयानों के बाद भवनाथपुर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया था। अब पार्टी द्वारा जारी शोकॉज नोटिस ने इस सियासी विवाद को और अधिक गर्मा दिया है। अब सभी की नजर दीपक प्रताप देव के जवाब और झामुमो के अगले कदम पर टिकी है।

