
सगमा (गढ़वा): धुरकी थाना क्षेत्र के घघरी गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा (पिता–श्यामा प्रसाद विश्वकर्मा) की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद 12 दिनों तक इलाज चलने के उपरांत शुक्रवार को रांची में मौत हो गई। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।बताया जाता है कि करीब बारह दिन पूर्व सगमा प्रखंड के पुतुर गांव के नहर किनारे धर्मेंद्र कुमार विश्वकर्मा का दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके माथे और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया।
रिम्स में उपचार के दौरान हालत में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर उन्हें रांची के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पिछले 12 दिनों से उनका गहन इलाज चल रहा था। गुरुवार की रात अचानक उनकी स्थिति बिगड़ने लगी और शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
धर्मेंद्र की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजनों में कोहराम मच गया है। परिजनों के अनुसार मृतक का शव रांची से देर रात तक घर पहुंचने की संभावना है। शव के गांव पहुंचने की सूचना पर लोगों की भीड़ उनके घर पर जुटने लगी है।मृतक अपने पीछे दो छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनमें एक की उम्र लगभग पांच वर्ष और दूसरे की करीब सात वर्ष बताई जा रही है। इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।मृतक के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप कुमार यादव, पूर्व जिप सदस्य नंद गोपाल यादव, मुखिया प्रतिनिधि अशोक राम, बीरबल मुखिया इंद्रजीत कुशवाहा, बिडिसी प्रतिनिधि रविंद्र बैठा, पूर्व मुखिया बिनोद कुमार राम, हीरा चरण यादव, राजीव रंजन वर्मा, लोकेंद्र यादव, लाल मोहन शाह एवं दीपक कुमार यादव सहित कई ग्रामीण शामिल हैं।

