रंका(गढ़वा):रंका अनुमंडल मुख्यालय में मूलनिवासी संघ के बैनर तले यूजीसी बील पर सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा रोक लगाने से आहत एससी, एसटी, ओबीसी और धर्म परिवर्तित अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने मंगलवार को रैली निकाली और महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के नाम यूजीसी बील लागू कराने संबंधी तीन मांगों वाली ज्ञापन रंका अनुमंडल दण्डाधिकारी रूद्र प्रताप को सौंपा। रैली रंका प्रखंड परिसर से निकाली गई जो चेक नाका से बाजार होते हुए थाना मोड़ होकर रंका अनुमंडल कार्यालय पहुंची जहां अनुमंडल पदाधिकारी सह अनुमंडल दण्डाधिकारी रूद्र प्रताप को यूजीसी बील 2026 को लागू करने, देश में जातिगत जनगणना को 2027 में अनिवार्य रूप से कराने एवं उच्च शिक्षण संस्थान सहित सभी सरकारी संस्थानों में बैकलाॅग नियुक्तियां अविलंब कराने संबंधी मांगों वाली ज्ञापन सौंपा गया।
इस अवसर पर मूलनिवासी संघ गढ़वा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने कहा कि भारत देश को आजाद हुए 78 वर्ष से अधिक का समय हो चुका है परन्तु मनुवादी विचारधारा के लोगों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। समाज के कमजोर वर्ग अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं धर्म परिवर्तित अल्पसंख्यक समुदाय पर हमेशा शोषण, अमानवीय व्यवहार, अत्याचार, सामाजिक प्रताड़ना की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में भारत सरकार के द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उच्च शिक्षण संस्थानों में समता के संवर्धन हेतु विनियम 2026 के विरुद्ध तथाकथित अति उत्तेजित होते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे । जिस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए माननीय उच्चतम न्यायालय ने उस पर रोक लगाते हुए उस पर भारत सरकार से हलफनामा दाखिल करने का सम्मन जारी किया है। जो संवैधानिक रूप से अनुचित प्रतित होती है। हमलोग रैली प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी नियमावली को लागू कराने की मांग महामहिम राष्ट्रपति जी से करते हैं। इस मौके पर मूलनिवासी संघ गढ़वा जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार, जिला महासचिव चन्दन कुमार, शिक्षक बाबूलाल सिंह, जिला झामुमो के वरिष्ठ नेता सुनील कुमार गौतम, वरिष्ठ नेता रामचंद्र राम, बीडीसी शंकर राम, शैलेश चंद्र प्रताप, बीडीसी नाजीर अंसारी, शिव कुमार, ईब्रान अंसारी, जहांगीर आलम, सत्येन्द्र कुमार, विद्यार्थी मोर्चा के हसनैन नवाज, शैलेश चंद्र प्रताप, संतोष भारती सहित काफी संख्या में महिला पुरुष एवं युवा शामिल थे।

