कांडी(गढ़वा):मां सतबहिनी झरना तीर्थ एवं पर्यटन स्थल विकास समिति के तत्वावधान में आयोजित 26वें मानस महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर भव्य एवं विराट कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में करीब 11 हजार निराहार व्रती कलश यात्रियों ने भाग लिया, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया।कलश यात्रा की शुरुआत सतबहिनी भगवती माता महादुर्गा, महालक्ष्मी एवं महाकाली के महामंदिर प्रांगण से हुई। यहां मुख्य यजमान संत हरिदास जी महाराज, अमरेश चंद्र उनकी धर्मपत्नी पूनम देवी, कृष्णा शर्मा उनकी धर्मपत्नी सुशीला देवी सहित अन्य यजमानों के प्रधान कलशों का विधिवत पूजन यज्ञाचार्य पंडित श्याम बिहारी वैद्य द्वारा कराया गया। इसके पश्चात सभी सामान्य कलश यात्रियों के कलशों का भी संकल्प कराया गया।
यज्ञाचार्य के नेतृत्व में याज्ञिक ब्राह्मणों की टोली के साथ कलश यात्रा निकली, जिसमें सैकड़ों दोपहिया वाहन पायलट के रूप में आगे-आगे चले, जबकि पीछे चारपहिया वाहन, ट्रैक्टर एवं पैदल श्रद्धालु शामिल रहे। कलश यात्रा का नेतृत्व विद्या कुंड अयोध्या धाम के महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 महंत प्रेम शंकर दास जी महाराज ने किया, जबकि अगुवाई समिति के अध्यक्ष सह विश्रामपुर विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने की। कलश यात्री सतबहिनी झरना तीर्थ से चलकर खुटहेरिया, गरदाहा, गोसांग, पखनाहा, कोदवड़िया एवं खरसोता होते हुए उत्तरी कोयल एवं बाईं बांकी नदी के संगम पर पहुंचे। वहां वरुण देव एवं गंगा माता की पूजा के पश्चात प्रधान कलशों सहित सभी कलशों में अभिमंत्रित जल भरा गया।
भजन-कीर्तन, जयकारों एवं धर्म ध्वज के साथ श्रद्धालु पुनः यज्ञ स्थल पहुंचे और यज्ञ मंडप की पांच परिक्रमा कर कलश स्थापित किए। इसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया।आयोजन समिति के अनुसार 3 फरवरी की ब्रह्म बेला में यज्ञ आरंभ होगा। नौ दिनों तक संगीतमय मानस पाठ, प्रवचन एवं भंडारे का आयोजन होगा। मेला क्षेत्र में सुरक्षा, स्वच्छ पेयजल एवं अनुशासन के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

