कांडी(गढ़वा):प्रखंड क्षेत्र के राणाडीह गांव में आयोजित होने वाले श्री रामचरितमानस नवाह्न परायण पाठ महायज्ञ (मानस महायज्ञ) की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह भव्य धार्मिक अनुष्ठान आगामी 24 जनवरी से प्रारंभ होकर 1 फरवरी 2026 तक चलेगा। यह यज्ञ लगातार 36वें मानस अधिवेशन के आयोजन का रिकॉर्ड राणाडीह गांव बनाने जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। यज्ञ समिति द्वारा यज्ञ मंडप एवं पूरे यज्ञ परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन एवं सजावट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। साथ ही यज्ञ में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु सघन जनसंपर्क अभियान भी सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार यज्ञ के सफल एवं निर्विघ्न आयोजन के लिए गांव के लोग हर वर्ष उदार हृदय से अपना अंशदान समर्पित करते हैं। शास्त्रीय परंपरा के अनुसार दूर-दराज के श्रद्धालुओं से भी उनकी श्रद्धा अनुसार सहयोग स्वीकार किया जाता है कार्यक्रम की जानकारी देते हुए यज्ञ समिति के सचिव ब्रजमोहन मिश्रा ने बताया कि 23 जनवरी की संध्या विधिवत मुहूर्त में यज्ञाचार्य पंडित अवधेश मिश्रा (काशी) के नेतृत्व में याज्ञिक पुरोहितों की टोली द्वारा श्री हनुमत ध्वज की स्थापना की जाएगी। इस अवसर पर बाजा-गाजा के साथ पूरे गांव के श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहेंगे। उन्होंने बताया कि 24 जनवरी की सुबह पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश एवं अरणी मंथन के साथ विधिवत यज्ञारंभ होगा। इसके साथ ही 33 कोटि आवाहित देवशक्तियों के निवास यज्ञमंडप की परिक्रमा भी प्रारंभ हो जाएगी। 24 जनवरी से 1 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर से संध्या तक देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वान संतों द्वारा श्री रामचरितमानस का प्रवचन प्रस्तुत किया जाएगा।इस वर्ष के प्रमुख प्रवचनकर्ताओं में नीलम शास्त्री (उत्तर प्रदेश) एवं पंडित श्री गोकुलेश त्रिपाठी जी महाराज (आजमगढ़, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि यज्ञ मंडप के समीप गांव के पूज्य देवकुर बाबा का स्थान स्थित है। ग्रामीणों का दृढ़ विश्वास है कि देवकुर बाबा एवं यज्ञ भगवान के आशीर्वाद से गांव की खेती-बाड़ी, शिक्षा, नौकरी एवं समग्र विकास निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। 36वें मानस अधिवेशन की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए राणाडीह गांव में एक सशक्त यज्ञ कमेटी का गठन किया गया है। पूरा गांव श्रद्धा, भक्ति और समर्पण भाव के साथ इस महायज्ञ के आयोजन में जुटा हुआ है।

