विशुनपुरा मुख्यालय के अपर बाजार स्थित शुभ लक्ष्मी वस्त्रालय सह मुन्ना ज्वेलर्स में हुई करीब 40 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का 10 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई खुलासा नहीं होने से व्यापारियों का सब्र जवाब देने लगा है। चोरी की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की नाकामी को लेकर स्थानीय व्यवसायियों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है।रविवार को विशुनपुरा में व्यवसायियों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन की कार्यशैली पर तीखा हमला बोला गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रशासन के विरोध में सभी व्यापारी काला बिल्ला लगाकर कारोबार करेंगे। यह निर्णय प्रशासन के प्रति गहरे असंतोष और आक्रोश को दर्शाता है।बैठक को संबोधित करते हुए व्यवसायी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश गुप्ता ने कहा कि चोरी की घटना को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस केवल आश्वासन ही देती नजर आ रही है। न तो चोरों की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी गए सामान की बरामदगी। उन्होंने कहा कि विशुनपुरा में लगातार चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जबकि पुलिस चोरों तक पहुंचने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है।
उन्होंने याद दिलाया कि घटना के बाद व्यापारियों ने लगभग 30 घंटे तक बाजार बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सतेन्द्र नारायण के आश्वासन पर ही दुकानें खोली गई थीं। बाद में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण भी किया, लेकिन इसके बावजूद आज तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
व्यवसायी संघ के अध्यक्ष ने कहा कि विशुनपुरा का बाजार आसपास के सैकड़ों गांवों की आर्थिक रीढ़ है। ऐसी बड़ी चोरी का खुलासा न होना न केवल व्यापारियों में भय पैदा कर रहा है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र चोरी का उद्भेदन नहीं हुआ, तो व्यवसायियों और जनप्रतिनिधियों की एक संयुक्त टीम डीजीपी और मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेगी।वहीं पीड़ित दुकानदार विनोद गुप्ता ने कहा कि 10 दिन बाद भी कार्रवाई की रफ्तार बेहद निराशाजनक है। उनका पूरा परिवार भय के साये में जीने को मजबूर है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यवसायी संघ जो भी निर्णय लेगा, वे उसके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।बैठक के अंत में व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।गौरतलब है कि 24 दिसंबर की रात चोरों ने दुकान के पिछले दरवाजे को तोड़कर अंदर प्रवेश किया था और लगभग 40 लाख रुपये के जेवरात, कपड़े, नकद राशि के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी चुरा ले गए थे।बैठक में जिला धर्माचार्य राधेश्याम पांडेय, ऐनुल अंसारी, लतीफ अंसारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा विश्वकर्मा, सुरेंद्र कुमार यादव, प्रवीण यादव, चंदन मेहता, बलराम पासवान, गौरीशंकर गुप्ता, नवल किशोर गुप्ता, संजय गुप्ता, भुनेश्वर राम, गोपाल राम, बीडीसी भरदुल चंद्रवंशी, गोरख चंद्रवंशी, माणिक गुप्ता सहित सैकड़ों व्यवसायी मौजूद रहे।

