हरिहरपुर(गढ़वा)सोन तटीय क्षेत्रों में गुरुवार से लगातार शीतलहर का प्रकोप जारी है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। पूरे दिन धूप नहीं निकलने से ठंड और बढ़ गई है। कड़ाके की ठंड का सीधा असर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों पर साफ नजर आ रहा है।शीतलहर शुरू होते ही सरकारी विद्यालयों में छात्र उपस्थिति में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति आधे से भी कम रह गई है। ठंड के बावजूद बच्चे पढ़ाई के लिए स्कूल आने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार द्वारा वर्तमान सत्र में अब तक स्वेटर उपलब्ध नहीं कराए जाने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।ठिठुरते हुए बच्चे किसी तरह विद्यालय पहुंच रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चों में ठंड लगने की शिकायतें सामने आने लगी हैं। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए कुछ विद्यालयों में आग जलाकर उन्हें राहत देने की कोशिश की जा रही है।स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि शीतलहर को देखते हुए बच्चों के लिए अविलंब स्वेटर की व्यवस्था की जाए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय समय में अस्थायी बदलाव किया जाए, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और वे सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकें।

