केतार(गढ़वा ):प्रखंड के चौरा गांव में आयोजित भव्य ‘चैता दोगोला’ कार्यक्रम में लोक संस्कृति की ऐसी धारा बही कि दर्शक पूरी रात झूमते रहे। भोजपुरी लोक गायकी के दो दिग्गज कलाकार रामाशंकर सिंह और कमलबास कुंवर के बीच हुई कांटे की टक्कर ने समां बांध दिया।निर्णायक मंडली ने दोनों ही टीमों के प्रदर्शन को सराहते हुए बराबर 19.5 अंक दिए गए।मुकाबला शुरू होते ही रमाशंकर सिंह और कमलबास कुंवर ने अपनी गायकी और वाकपटुता से समां बांध दिया।चैता के पारंपरिक गीतों और सवालों-ज वाबों के बीच दर्शकों का उत्साह चरम पर रहा।पूरे गांव के साथ- साथ आस-पास के क्षेत्रों से आए हजारों लोग देर रात तक कला कारों की प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे।
सांस्कृतिक धरोहरों से जुड़ती है नई पीढ़ी: पंकज सिंह
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन समाजसेवी पंकज सिंह ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि चैता दोगोला महज मनोरंजन नहीं,बल्कि हमारी लोक परंपराओं का जीवंत हिस्सा है।ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देते हैं। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी मिट्टी की सुगंध और संस्कृति को सहेजने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की नितांत आवश्यकता है ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों को पहचान सके।”इस मौके पर दिनेश कुमार जिला परिषद सदस्य,कांडी,अजय कुमार बीडीसी प्रतिनिधि,पूर्व मुखिया अनिल पासवान,एके मौर्या, दुर्गेश सिंह और रिशु सिंह समेत हजारों की संख्या में संगीत प्रेमी मौजूद रहे।

